देश के विकास में भागीदार बने, टैक्स जरूर जमा करे

देश में विकास सभी चाहते है हर देशवासी की यही चाहत है कि उसे हर तरह का सुख सरकार के द्वारा दिया जाये मसल उसके शहर की सड़के, पानी, चिकित्सा हर सेक्टर में सरकार सहायता दे। इस तरह की चाहत रखने वाले हम भारत के रहने वाले लोग देश के विकास में कितना योगदान कर रहे है, ये सवाल जरूर बनता है, खासकर टैक्स को लेकर जो हर भारतीय का एक तरह से कर्तव्य भी है।

पीएम मोदी जिस तरह से देश के विकास के कामो में लगे है उसकी रफ्तार सुपर स्पीड में है, क्या गरीबों का घर बनवाना हो, उन्हे गैस सिलेंडर देना हो या उनका इलाज फ्री में आयुष्मान योजना से करवाना हो सभी काम तेजी से किये जा रहे है।इसी तरह किसानों के हित के लिए रेलवे के सुधार के लिये परिवहन व्यवस्था को ठीक करने के लिये साथ ही साथ देश की रक्षा के लिये सेना को मजबूत कर रहे है उसके लिये धन की जरूरत होती है। वैसे तो सरकार अपने बजट के जरिये ही ये सब काम कर रही है। लेकिन पीएम की चिंता सच में उस वक्त बढ़ जाती है जब हम देशहित को छोड़कर ‘कर’ चोरी करते है। खुद पीएम ने इस बाबत कहा कि देशवासियों का कर को लेकर उदासीनता उन्हे परेशान करती है।

महज 1.5 करोड़ लोग ही देते है टैक्स

पीएम मोदी ने जोर देते हुए कहा कि देश को विकास के पथ पर ले जाने के लिए हर भारतीय का कर्तव्य है कि वो अपने हिस्से का सही टैक्स जमा जरूर करे। इतना ही नही उन्होने कहा कि इसके लिये टैक्स प्रणाली को उनकी सरकार सरल बना रही है। लेकिन इसके बावजूद देश में कर देने वालो की संख्या उतनी नही जितनी होनी चाहिये। ऑकड़ो पर नजर डाले तो बीते 5 साल में 1.5 करोड़ से अधिक लग्जरी कारों की बिक्री हुई तो 3 करोड़ से ज्यादा भारतीय विदेश घूमने गये। लेकिन 130 करोड़ भारतीयों में टैक्स सिर्फ 1.5 करोड लोग ही देते है। इतना ही नही देश में 50 लाख से अधिक आय होने की जानकारी देने वाले महज 3 लाख लोग है।

दुनिया की दूसरी सबसे ज्यादा आबादी वाले देश में महज 22 सौ लोग कमाते है 1 करोड़ रूपये

अब जो ऑकड़ा हम पेश करने जा रहे है उसे जानकर आपको जरूर झटका लगेगा। हमारे देश में बड़े-बड़े डॉक्टर हैं, लॉयर्स हैं, चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, अनेक प्रोफेशनल्स हैं जो अपने-अपने क्षेत्र में छाए हुए हैं, देश की सेवा कर रहे हैं। लेकिन ये भी एक सच्चाई है कि देश में करीब सिर्फ 2200 प्रोफेशनल्स ही हैं जो अपनी सालाना इनकम को एक करोड़ रुपए से ज्यादा बताते हैं। चौक गये न, लेकिन ऐसा होना नही चाहिये। क्योकि ऐसा होने से टैक्स का बोझ उन लोगो पर पड़ता है जो टैक्स दे रहे है। ऐसे में हम सभी को टैक्स को लेकर आत्ममंथन जरूर करना चाहिये।

दोस्तो टैक्स का पैसा जो सरकार को मिलता है उसी पैसे से वो हमारे लिये योजनाए चलाती है। नई नई व्यवस्थाए प्रदान करती है। ऐसे में इसलिए बहुत आवश्यक है कि देश का हर वो व्यक्ति, जिसे देश ने, समाज ने इतना कुछ दिया है वो अपना कर्तव्य निभाए। जिनकी वजह से उसकी आय इतनी है कि वो टैक्स देने के लिए सक्षम बना है, उसे ईमानदारी से टैक्स देना भी चाहिए जिससे देश हित में काम हो सके।