आकाश, धऱती हो या समंदर, मेक इन इंडिया के हथियार दुश्मन के छुड़ा रहे पसीने 

रूस युक्रेन जंग ने ये साबित कर दिया है कि आज के दौर में वही देश मजबूत है जो रक्षा के मामले में आत्मनिर्भर देश है। इस बाबत भारत ने तेजी से कदम बढ़ाया है। तभी तो मेक इन इंडिया हथियार की बड़ी खेप आज भारतीय फौज में शामिल हो रही है और दुश्मन के पसीने छुड़ा रही है।

ब्रह्मोस मिसाइल के नए वर्जन ने दुश्मन की नीद उड़ाई

भारत की ब्रह्मोस मिसाइल ने सफलता का एक और पड़ाव पार कर लिया है। भारतीय वायु सेना और नौसेना ने 19 अप्रैल को ब्रह्मोस मिसाइल के दो अलग अलग वर्जन का सफल परीक्षण किया। इनमें एक मिसाइल का परीक्षण चेन्नई में भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS दिल्ली से किया गया और दूसरी मिसाइल लड़ाकू विमान सुखोई 30-MKI से लॉन्च की गई। ये दोनों अलग अलग तरह की मिसाइल हैं पहली मिसाइल को Sea to Sea Missile कहा जाता है। यानी ऐसी मिसाइल, जो समुद्र से समुद्र में हमला करती है और दूसरी मिसाइल को Air to Surface कहा जाता है। इसमें मिसाइल हवा से समुद्र या जमीन की सतह पर मौजूद टारगेट को नष्ट करती है। ब्रह्मोस मिसाइल, आत्मनिर्भर भारत की ताकत को दिखाती है। इसे रक्षा कम्पनी, Brahmos Aerospace ने विकसित किया है, जिसमें भारत सरकार के Defence Research and Development Organisation यानी DRDO और Russia दोनों पार्टनर हैं। ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक Cruise मिसाइल है, जिसे जमीन और हवा दोनों जगहों से दुश्मन पर दागा जा सकता है। इसके अलावा इसे समुद्र तल और समुद्र के अन्दर से भी लॉन्च किया जा सकता है। यानी ये मिसाइल, Submarines से भी लॉन्च हो सकती है। इसे युद्धपोत और समुद्री जहाज से भी दागा जा सकता है। ये लड़ाकू विमान और जमीन से भी लॉन्च हो सकती है।

50 दिन तक पानी में रहने वाली पनडुब्बी वागशीरहुई लॉन्च

समंदर की गहराई में रहकर दुश्मन की काली नियत पर जोरदार प्रहार करने में अब भारत पहले से ज्यादा सक्षम हो चुका है क्योकि भारत की सरहद की हिफाजत के लिए मेक इन इंडिया पनडुब्बी वागशीर लॉन्च हो चुकी है। दुश्मनों से मोर्चा लेने के लिए समंदर में उतर भी चुकी है। 50 दिनों तक समंदर में 350 किमी नीचे ये रहने में सक्षम है तो एक साथ 6 तारपीडो से दुश्मनों पर हमला करने में इसका कोई सानी नहीं है। वही रफ्तार की बात करे तो ये 37 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से समुद्र की गहराई में दौड़ सकती है जो इसी काफी शक्तिशाली बनाता है। इसकी लंबाई 221 फीट और ऊंचाई 40 फीट है तो इसे साइलट किलर भी माना जा रहा है।

वैसे जर्मन के शासक हिटलर ने बोला है कि अपने देश के बने हथियार के दम पर ही जंग जीती जाती है और भारत इस बात को बखूबी जनता भी है इसीलिये तो लगातार भारत हथियारों के मामले में आत्मनिर्भर बनता जा रहा है।