GST हो या GDP, नतीजों ने इंडिया इंक में भरी नई जान, 5 ट्रिलियन के लिए दौड़ता हिंदुस्तान  

कोरोना काल में इकॉनोमी  में कामकाज फिर से बढ़िया होने लगा है। तभी तो बीते नवंबर में वस्तु और सेवा कर  का कलेक्शन बढ़ कर 1.31 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। यह एक साल पहले की तुलना में 25 फीसदी अधिक है। जुलाई 2017 में इसके लागू होने के बाद से यह दूसरा सबसे अधिक संग्रह है। इससे ज्यादा वसूली इसी साल अप्रैल में हुई थी।

GST में भी देखी गई बढ़ोत्तरी, 1,31,526 करोड़ रुपये आए

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने संसद में बताया  कि नवंबर महीने में एकत्रित कुल जीएसटी  राजस्व 1,31,526 करोड़ रुपये है। इसमें सीजीएसटी 23,978 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 31,127 करोड़ रुपये, आईजीएसटी 66,815 करोड़ रुपये और उपकर 9,606 करोड़ रुपये है। सीजीएसटी का मतलब केंद्रीय माल और सेवा कर है। एसजीएसटी का अर्थ राज्य माल और सेवा कर है जबकि आईजीएसटी का मतलब एकीकृत माल और सेवा कर है। गौरतलब है कि 2021 के नवंबर महीने के लिए जीएसटी वसूली नवंबर 2020 की तुलना में 25 फीसदी अधिक है। नवंबर 2019 में आए राजस्व से तुलना करें तो यह 27 फीसदी अधिक है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘ नवंबर 2021 के लिए जीएसटी राजस्व जीएसटी की शुरुआत के बाद से दूसरा सबसे अधिक है। यह पिछले महीने के संग्रह से अधिक है। यह आर्थिक सुधार की प्रवृत्ति के अनुरूप है।’’

GOODS AND SERVICES TAX (GST): THE CONCEPT, ISSUES AND CHALLENGES - RGNUL  Student Research Review (RSRR)

GDP में भी देखी गई उछाल

बेहतर मॉनसून सीजन के साथ ही दूसरी तिमाही में भारत के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी विकास दर में उछाल देखने को मिला है। देश की जीडीपी साल दर साल आधार पर 8.4 फीसदी दर्ज की गई है। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 में दूसरी तिमाही के लिए GDP के आंकड़े जारी किए हैं। इस रिकवरी के साथ देश की जीडीपी अब कोरोना काल से पहले वाले लेवल को पार कर गई है। यहां ये भी आपको बता दें की कोरोना काल में 28 देशों की जीडीपी में भारत की जीडीपी सबसे ज्यादा आई है। ऐसा इस लिये हुआ है क्योंकि भारत की आठ बुनियादी उद्योगों का उत्पादन 7.5 फीसदी बढ़ा है। आंकड़ों पर नजर डाले तो प्राकृतिक गैस- 25.8 फीसदी, कोयला- 14.6 फीसदी, पेट्रोलियम उत्पादन- 14.4 फीसदी, सीमेंट- 14.5 फीसदी, बिजली – 2.08 फीसदी, उर्वरक 0.04 फीसदी, इस्पात- 0.90 फीसदी और कच्चा तेल – 2.20 फीसदी की बढ़ोत्तरी देखी गई है जिससे देश में विकास की गति तेज हो पाई है।

इंडिया इंक की ये उछाल कही ना कही भारत के 5 ट्रिलियन के सपने को हकीकत में बदलने की एक शुरूआत है और अब हमें सिर्फ दौड़ना नही है बल्कि तेज रफ्तार में भागना है जिससे हम जल्द से जल्द ये मुकाम छू सके।