अफवाह से हो जाएँ सवाधान: देश में नहीं है वैक्सीन की कमी

देश में एक तरफ कोरोना वायरस बढ़ रहा है तो दूसरी तरफ इसको लेकर सियासत की दूसरी लहर भी खूब देखी जा रही है। जहां पहले सरकार पर कुछ लोग आरोप लगा रहे थे कि सरकार देश में वैक्सीन क्यो नही बनवा पा रही है तो अब आरोप लगा जा रहा है कि देश में वैक्सीन की कमी हो गई है वो भी सरकार के चलते क्योकि सरकार इसे दूसरे देशों में निर्यात कर रही है जो एक सिरे से कोरा झूठ ही है।

वैक्सीन पर राजनीति

पहले चरण में मोदी सरकार ने कोरोना से देश को जिस तरह से बचाया उसी के चलते विपक्ष के पास उसका विरोध करने का कोई मुद्दा नही मिल पाया। उस वक्त भी कुछ लोग सिर्फ सरकार पर झूठे आरोप लगाते हुए दिखाई देते थे जैसे आज देखे जा रहे है जो काफी खतरनाक है और इससे देश को मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग भी नहीं बचा सकता क्योकि राजनीति की ये लहर झूठ पर तैयार हुई है। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, आन्ध्र प्रदेश और तेलंगाना ने वैक्सीन की कमी का आरोप लगाया है और कहा है कि भारत सरकार वैक्सीन के वितरण को लेकर भेदभाव कर रही है। इस राजनीति की वजह है, भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय का एक फैसला, जिसमें मंत्रालय ने बताया है कि आने वाले दिनों में साढ़े तीन करोड़ वैक्सीन की डोज अलग-अलग राज्यों को वितरित की जाएंगी, जिनमें उत्तर प्रदेश को लगभग 45 लाख, मध्य प्रदेश को 33 लाख, कर्नाटक को करीब 29 लाख, पश्चिम बंगाल को 21 लाख और महाराष्ट्र को 17 लाख वैक्सीन की डोज दी जाएंगी।जिन राज्यों को इस बार ज्यादा वैक्सीन की डोज मिल रही हैं, वो पहले लिस्ट में नीचे थे। लेकिन जरूरत और जनसंख्या के हिसाब से इस बार सरकार ने वैक्सीन का वितरण किया है। बस इसी बात पर सियासत की जा रही है जो काफी खतरनाक हो सकती है।

महाराष्ट्र को मिली 90 लाख वैक्सीन की सबसे ज्यादा डोज

वैक्सीन को लेकर सबसे ज्यादा हंगामा अगर कोई काट रहा है तो वो महाराष्ट्र राज्य है जहां के नेता ये दावा कर रहे है कि सरकार वैक्सीन देने में उनके साथ सौतेला व्यवाहार कर रही है। जबकि सबसे ज्यादा वैक्सीन पाने वाले राज्यों में वो सबसे ऊपर है। महाराष्ट्र को अब तक 90 लाख वैक्सीन की डोज मिल चुकी हैं और वहां 5 लाख वैक्सीन खराब भी हुई हैं।यानी ये वैक्सीन लगाई नहीं गईं और खराब हो गईं, लेकिन इसके बावजूद सबसे ज्यादा शिकायत महाराष्ट्र को ही है क्योंकि, यहां सवाल वैक्सीनेशन का नहीं है। सवाल वैक्सीनेशन में राजनीतिक अवसर तलाशना है।

वैक्सीन की कमी को लेकर सवाल

आज जब देश में वैक्सीन की कमी को लेकर सवाल पूछे जा रहे हैं तो भारत सरकार ने बताया है कि वो 8 अप्रैल तक देश के अलग-अलग राज्यों को वैक्सीन की 11 करोड़ 13 लाख डोज भेज चुकी है, लेकिन इनमें से लगी हैं सिर्फ 9 करोड़ 16 लाख यानी इन राज्यों के पास अब भी 1 करोड़ 97 लाख वैक्सीन की डोज स्टॉक में हैं। इसके अलावा 2 करोड़ 45 लाख वैक्सीन की डोज पाइपलाइन में हैं, यानी ये वो वैक्सीन हैं जो आने वाले दिनों में जल्द अलग-अलग राज्यों को भेजी जाएंगी। इन आंकड़ों से आप समझ सकते हैं कि हमारे देश में वैक्सीन की कमी नहीं है। अगर किसी चीज़ की कमी है तो वो कमी है इच्छाशक्ति की और अनुशासन की।

ऐसे जनता को एक बार फिर किसी के बहकावे में नही आना चाहिये और उन लोगों का पर्दाफाश करना चाहिये जो देश में माहौल खराब करने के लिए ऐसा झूठ फैला रहे है।