लोन मेला कार्यक्रम में बैंकों ने बांटा 81,700 करोड़ रुपए का लोन

Banks distributed loans worth Rs 81,700 crore in loan fair program | PC - Google

अर्थव्यवस्था में छा रही सुस्ती को दूर करने के लिए और मांग को बढाने के लिए देश के कई जिलों में बैंकों की तरफ से लोन मेला का आयोजन किया गया था। इसके तहत हर प्रकार की खरीदारी के लिए लोन दिए जा रहे थे। आपको जानकार हैरानी होगी की पिछले 9 दिनों में बैंकों ने लोन मेला में 81,700 करोड़ रूपए के लोन बांटे।

बता दे की सरकारी बैंकों ने एक अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक लोन मेले के आयोजन किया था। वित्त सचिव राजीव कुमार के मुताबिक इसमें से 34,342 करोड़ की राशि के नए लोन थे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बैंकों के पास पर्याप्त नकदी उपलब्ध है। यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) का बड़ी कंपनियों पर बकाया भुगतान जारी हो सके। बड़ी कंपनियों की रिटर्न फाइलिंग के मुताबिक उन पर एमएसएमई सेक्टर के 40 हजार करोड़ रुपए बकाया हैं। दिवाली से पहले एमएसएमई का भुगतान हो जाए, इसके लिए सरकार हरसंभव कोशिश करेगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने त्योहारी सीजन में खपत बढ़ने के साथ दूसरी छमाही में आर्थिक गतिविधियों के पटरी पर लौटने के उद्देश्य से सभी सरकारी और प्राइवेट बैंकों को लोन मेला लगाने के लिए कहा था। वित्त मंत्री ने कहा था कि सरकार देश के 400 जिलों में कैम्प लगवाएगी। बैंक इन जिलों में कैम्प लगाकर लोन उपलब्ध करवाएगी। उद्यमियों, किसानों और दूसरे जरूरतमंदों को कर्ज उपलब्ध कराने के लिये सरकार ने लोन मेले का आयोजन करवाया था

‘लोन मेला’ का दूसरा चरण दिवाली से ठीक पहले 21 अक्टूबर से 25 अक्टूबर के बीच आयोजित किया जाएगा। यह कदम इकनॉमी को बूस्ट देने के लिए उठाया गया है।

फाइनेंस मिनिस्टर ने बैंकों के विलय पर कहा कि पूरी प्रक्रिया सामान्य तौर पर चल रही है। एक बैंक बोर्ड के सभी सदस्य मेन बैंक बोर्ड में शामिल होंगे। प्रक्रिया को आसान बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।