6 सालों में दुरूस्त की गई बैंकिंग व्यवस्था -मोदी

 एक बार फिर से पीएम मोदी ने निजीकरण पर जोर देते हुए बताया कि उसरकार कैसे बैंकिंग और नॉन बैंकिंग सेक्टर के पुराने तौर-तरीकों और पुरानी व्यवस्थाओं में बदलाव करके एक नया भारत बनाने में लगी है। जिसका असर भी देखा जा रहा है तभी आज विश्व के संगठन ये मान रहे हैं कि भारत की विकास दर कोरोना से उभरने में दूसरे देशों से सबसे तेज रहेगी।  

बैंकिंग और नॉन बैंकिंग सेक्टर का उठाया गया गलत फायदा

देश की आर्थिक व्यवस्था को कैसे बैंकिंगऔर नॉन बैंकिंग के जरिये बर्बाद किया गया। इस बारे में जिक्र करते हुए पीएम ने बोला कि 10-12 साल पहले Aggressive Lending के नाम पर कैसे देश के बैंकिंग सेक्टर को, फाइनेंशियल सेंकटर को नुकसान पहुंचाया गया, ये आप अच्छी तरह जानते भी हैं, समझते भी हैं। इस तरह से बैंक के एनपीए को आम लोगो से छुपाया गया ये भी आप जानते है और लोन आम लोगो की जगह सिर्फ कुछ लोगों को ही दिये गये इस बात की हकीकत आज सामने आ रही है। हालांकि अब सरकार इन सभी सेक्टर में पूरी पूरी तरह से नजर रख रहा है ये सब जानते है। जिसका असर ये है कि आज आम लोगो को लोन मिलने में आसानी हुई है। सरकार लगातार Non-Transparent क्रेडिट कल्चर से देश को बाहर निकालने के लिए एक के बाद एक कदम उठाए गए हैं। बजट के बारे में बोलते हुए पीएम ने बोला कि हमारा ये लगातार प्रयास है कि जहां संभव हो वहां प्राइवेट उद्यम को ज्यादा से ज्यादा प्रोत्साहित किया जाए। लेकिन इसके साथ-साथ बैंकिंग और बीमा में पब्लिक सेक्टर की भी एक प्रभावी भागीदारी अभी देश की ज़रूरत है। आत्मनिर्भर भारत किसानों से, कृषि उत्पादों को बेहतर बनाने वाली इकाइयों से बनेगा। आत्मनिर्भर भारत, हमारे MSMEs से बनेगा, हमारे Start Ups से बनेगा।

गांव के विकास से बनेगा नया भारत

मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत सिर्फ बड़े उद्योगों या बड़े शहरों से नहीं बनेगा। आत्मनिर्भर भारत गांव में, छोटे शहरों में छोटे-छोटे उद्यमियों के, सामान्य भारतीयों के परिश्रम से बनेगा। आत्मनिर्भर भारत किसानों से, कृषि उत्पादों को बेहतर बनाने वाली इकाइयों से बनेगा। आप सभी भलीभांति जानते हैं कि हमारे Fintech Start ups आज बेहतरीन काम कर रहे हैं और इस सेक्टर में हर संभावनाओं एक्स्प्लोर कर रहे हैं। कोरोना काल में भी जितनी Start Up Deals हुई हैं, उनमें हमारे Fintechs की हिस्सेदारी बहुत अधिक रही है जिसके चलते देश की आर्थिक रफ्तार बढ़ पाई है, अब जिसे विश्व के संगठन भी मान रहे है। आलम ये है कि जब विश्व में निवेश घट रहा है तब भारत में निवेश बढ़ रहा है जो ये बता रहा है कि आज दुनिया भारत पर विश्वास जता रहा है।

मोदी सरकार की पीठ तो आर्थिक सेक्टर को लेकर तो थपथपानी ही पड़ेगी क्योकि कोरोना काल में जब विकासित देशों की आर्थिक व्यवस्था चरमरा गई तब भी भारत की हालात बहुत बेहतर रही जिसका फायदा अब देखा जा रहा है और ये सब अगर हुआ है तो वो मोदी सरकार की दूर की सोच के चलते।