विजया और देना बैंक के विलय के साथ ही आज से देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक बन जायेगा बैंक ऑफ बड़ौदा

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सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंक, देना और विजया का सोमवार को बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय होने के साथ ही आज से बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई और आईसीआईसीआई के बाद तीसरा सबसे बड़ा बैंक बन जायेगा|

विलय होने के साथ ही देना और विजया बैंक की सभी शाखाएं सोमवार से बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखाओं के तौर पार काम करने लगेगी| मालूम हो की सरकार ने इन बैंकों के विलय होने की घोषणा पिछले साल सितम्बर में ही कर दिया था|

यूँ तो सरकार ने बैंकों की विलय प्रक्रिया में पिछले कुछ सालों में काफी तेजी से कदम बढाई है| लेकिन हाल के कुछ वर्षों में होने वाला यह देश के सरकारी बैंकों का दूसरा सबसे बड़ा विलय है| उल्लेखनीय है की इससे पहले स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (एसबीआई) ने अपने पांच सहयोगी बैंकों को खुद में मर्ज कर लिया था| जिसमे बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर,स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद और भारतीय महिला बैंक शामिल थे। इस मर्जर को अप्रैल 2017 में सम्पादित किया गया था|

इस सन्दर्भ में बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रमुख पीएस जयकुमार ने एक प्रेस रिलीज़ जारी कर कहा कि, “हमें इस बात की बहुत खुशी है कि बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक नेटवर्क और ग्राहक आधार के मामले में देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक बनने जा रहे हैं। हम इसके एक मजबूत संगठन बनने की दिशा में इस एकीकरण के लिए सभी गतिविधियों का प्रभावी निष्पादन करेंगे और हम व्यक्तिगत संस्थाओं की तुलना में स्टेक होल्डर का ज्यादा ख्याल रखेंगे।”

इस बाबत इससे पहले शनिवार को रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (आरबीआई) ने कहा था कि, देना बैंक और विजया बैंक की शाखाएं इस एकीकरण के बाद एक अप्रैल से बैंक ऑफ बड़ौदा के आउटलेट के तौर पर काम करेंगी। बैंक ऑफ बड़ौदा ने बताया कि एकीकृत बैंक के पास करीब 9,500 शाखाएं, 13,400 एटीएम और करीब 85,000 कर्मचारी होंगे जो कि देश में अपने 12 करोड़ ग्राहकों को सेवाएं देंगे।

मालूम हो कि बैंक ऑफ बड़ौदा में मर्जर होने के बाद नई एंटिटी के पास लगभग 15 ट्रिलियन रूपये का व्यापार होगा| जो करीब 120 मिलियन ग्राहकों को अपनी सेवाएं देगा|

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इस सवाल पर कि इन बैंकों के विलय से कर्मचारियों पर कोई असर पड़ेगा या नहीं, इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि, “इस विलय से इन बैंकों के कर्मचारियों की सेवा शर्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और विलय के बाद कोई छंटनी भी नहीं होगी|” तो ऐसे में भले बैंक में काम करने वालो कर्मचारियों पर कोई असर ना पड़े, लेकिन इन तीनो ही बैंकों में से किसी भी बैंक में अगर आपका खता है तो ये बात जान लीजिये कि खाताधारको पर इससे जरूर असर पड़ने वाला है| यह असर किस तरह पड़ेगा, आइये बिन्दुवार तरीके से इस बात को जानते है:

• यह मुमकिन है कि आपके अकाउंट नंबर या इन्टरनेट बैंकिंग के यूजर आईडी में बदलाव हो सकता है|
• इन तीनो बैंकों में से कुछ बैंकों के कुछेक शाखाएं बंद हो सकते है, जिससे उन ग्राहकों को नए ब्रांच में जाना पड़ सकता है|
• SIP या लोन EMI के लिए ग्राहकों को नया इंस्ट्रक्शन फॉर्म भरना पर सकता है|
• हालाँकि, फिक्स्ड डिपोजिट या रेकारिंग डिपोजिट पर मिलने वाले इंटरेस्ट रेट में कोई फर्क नहीं पड़ेगा|
• पर्सनल लोन, होम लोन या व्हीकल लोन पर इंटरेस्ट यानी ब्याज समझौते (एग्रीमेंट) पर ही बरक़रार रहेगा|