आयुष्मान से गरीब होगे अब और आयुष्मान, गंभीर बीमारी के इलाज पर मिलेंगे 15 लाख

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PM मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में बहुत सी ऐसी योजनायें लागु की थी, जिन से देश की आम जनता को लाभ पहुंचा। इन्हीं योजनाओ में एक योजना ऐसी भी है जो देश की जनता के स्वास्थ से जुडी है। इस योजना का नाम है आयुष्मान भारत। इस योजना के तहत PM मोदी की कोशिश ये रही कि देश की गरीब जनता जो गरीबी के कारण अपनी बिमारियों का समुचित इलाज करवाने में असमर्थ है वो अपना सुचारू रूप से इलाज करवा सके।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है। मोदी सरकार की यह योजना गरीबों और असहाय लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। अब आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी आयी है। सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत के तहत अब लाभार्थियों को काफी फायदा होगा। योजना के लाभार्थियों को राष्ट्रीय आरोग्य निधि (RAN) के तहत ऐसी बीमारियों के इलाज के लिए 15 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिलेगी, जिनपर अधिक खर्च आता है और जो आयुष्मान भारत योजना में कवर नहीं होते हैं। इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आरएएन को लेकर संशोधित गाइडलाइंस भी जारी की हैं।

इसके लिए सभी सरकारी अस्पतालों, सभी क्षेत्रीय कैंसर केंद्र, सभी राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों, व्यय विभाग और बीमा कार्यक्रम लागू करने वाले शीर्ष संगठन राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) को पत्र जारी किया गया है।

आरएएन की योजना के तहत मिलेगा फायदा

RAN संशोधित गाइडलाइंस के अनुसार, ‘अगर चिकित्सा परामर्श के तहत सुझाया गया उपचार आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोगय योजना (AB-PMJAY) के किसी भी सूचीबद्ध पैकेज के तहत नहीं आता है, तो आरएएन की योजना के तहत लाभार्थियों को 15 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिलेगी।

गरीब मरीजों की शिकायत पर कदम

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गरीब मरीजों की शिकायत पर यह पहल की है। जानलेवा बीमारियों से जूझ रहे कई गरीब मरीजों की शिकायत थी कि उन्हें Ayushman Bharat का लाभार्थी होने के कारण RAN के तहत लाभ नहीं मिल पा रहा है। संशोधित दिशा-निर्देशों के साथ भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है, ”मेडिकल एडवाइस के मुताबिक अगर कोई उपचार AB-PMJAY में कवर नहीं होता है तो इस योजना के लाभार्थियों को RAN स्कीम के तहत 15 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जा सकती है।” इसके साथ ही ज्ञापन में कहा गया है कि ऐसी परिस्थितियों में लाभार्थी को संबंधित सरकारी अस्पताल की ओर से लिखकर दिया जाना चाहिए कि उसकी बीमारी AB-PMJAY के तहत कवर नहीं होती है। ऐसी स्थिति में मरीज RAN के तहत वित्तीय मदद हासिल करने का हकदार हो सकता है।

स्वास्थ्य मंत्रालय को दिया गया था सुझाव

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और एनएचए ने स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर सुझाव दिया था। पत्र में मंत्रालय का ध्यान मरीजों के ऐसे मामलों की ओर दिलाया गया था, जिनको योजना के तहत इलाज से मना कर दिया गया क्योंकि रक्त कैंसर और लीवर से जुड़ी बीमारी कुल दर्ज 1393 चिकित्सा पैकेज में नहीं आती हैं।

गौरतलब है कि PM मोदी ने सितंबर, 2018 में आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की थी, जिसके तहत उनकी कोशिश है कि गरीब परिवारों को बीमारी का इलाज करवाने में कोई परेशानी नहीं आये। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 68 लाख लोगों ने अस्पताल में भर्ती सेवाओं का लाभ उठाया है। इस योजना के तहत 04 दिसंबर, 2019 तक 68.37 लाख से अधिक लोगों ने मुफ्त उपचार का लाभ उठाया है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य (पीएम-जेएवाई) के तहत 19.595 अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है और 6.71 करोड़ से अधिक लोगों को ई-कार्ड जारी किए गए हैं।

 


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