प्रधानमंत्री मोदी की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना से अब तक 68 लाख लोगों का हुआ मुफ्त इलाज

PM मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में बहुत सी ऐसी योजनायें लागु की थी जिन से देश की आम जनता को लाभ पहुंचा। इन्हीं योजनाओ में एक योजना ऐसी भी है जो देश की जनता के स्वास्थ से जुडी है। इस योजना का नाम है आयुष्मान भारत। इस योजना के तहत PM मोदी की कोशिश ये रही कि देश की गरीब जनता जो गरीबी के कारण अपनी बिमारियों का समुचित इलाज करवाने में असमर्थ है वो अपना सुचारू रूप से इलाज करवा सके।

Ayushman Bharat | PC - Twitter

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है। उसका उद्देश्य देश के 10 करोड़ से अधिक गरीब नागरिकों को चिकित्सा सुविधा प्रदान करना है। मोदी सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना ने बुधवार को 68 लाख उपचार के निशान को पार कर लिया। इस योजना के तहत एक वर्ष में 68 लाख से अधिक नागरिकों ने नि:शुल्क उपचार का लाभ उठाया है।

इस योजना के तहत पूरे भारत में हर मिनट नौ मरीजों ने अस्पताल में प्रवेश लिया हैं। नरेंद्र मोदी सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य योजना के तहत, 32 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में योजना को लागू करने वाले 7,901 करोड़ रुपये के मुफ्त उपचार का लाभ उठाया गया है।

आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में इस वर्ष 25 नवम्बर तक देशभर के 19 हजार 668 अस्प‍ताल शामिल हो चुके हैं। इनमें निजी क्षेत्र के नौ हजार से अधिक अस्पताल शामिल हैं।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याोण राज्य-मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने शुक्रवार को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। इस सूची में दो हजार आठ सौ छप्प्न अस्पतालों के साथ गुजरात शीर्ष पर है। कर्नाटक में दो हजार आठ सौ उन्चाीस और उत्तर प्रदेश दो हजार तीन सौ बारह अस्पताल इस योजना में शामिल हुए हैं।

गौरतलब है कि आयुष्मान भारत योजना मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराना है। पीएम मोदी ने कहा था कि ये भारत की संकल्प शक्ति ही है कि हम दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ केयर स्कीम भारत में सफलता के साथ चला रहे है।

आइए देखते हैं प्रधानमंत्री मोदी की आयुष्मान भारत योजना किस तरह गरीब-वंचितों के लिए वरदान साबित हो रही है इसके कुछ सफल उदहारण से IndiaFirst ने पहले भी अपने पाठकों को अवगत करवाया है। आज आयुष्मान भारत से जुड़े कुछ और भी तथ्यों से भी हम आपको रूबरू करवाते है।

लाभार्थी जनता की जुबानी, आयुष्मान भारत की कहानी

1. फरीदाबाद जिले के ज़वाहर कॉलोनी के निवासी कुलदीप कौर का कहना है कि उनके पिता को जब सीने में दर्द की शिकायत हुई, तो उन्हें बादशाह खान अस्पताल के हार्ट सेंटर में भर्ती किया गया। जाँच के उपरान्त डॉक्टरों ने हृदय रोग की पुष्टि की। समस्या से निजात के लिए उन्हें दो स्टेंट डाले गए और इलाज का खर्च आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत वहां किया गया| कुलदीप का कहना था कि अगर आयुष्मान भारत का कार्ड नहीं होता तो निजी अस्पताल में दो लाख से ज्यादा खर्च आ जाता।

2. फरीदाबाद जिले के निवासी अनिल बेताब कहते है की वो एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखते है। जब उन्हें सीने में दर्द हुआ तो जाँच करवाने पर पता चला कि उन्हें ह्दय की तकलीफ है| निजी अस्पताल में उन्हें एक स्टेंट डाला गया और अब वो पहले से बेहतर है।

3. उत्तर प्रदेश में दुबग्गा की 11 साल से दिल की बीमारी से पीड़ित 23 वर्षीय रोमा की सर्जरी आयुष्मान भारत योजना के तहत हुई। पीड़ित की मां रामरती के मुताबिक यह योजना उनके परिवार के लिए वरदान साबित हुई, क्योंकि पैसों के अभाव के चलते रोमा की सर्जरी 11 साल से टल रही थी। रामरती का कहना है कि अब पैसों के अभाव में किसी गरीब के बच्चों का इलाज नहीं रुकेगा। ये सिर्फ एक योजना नहीं गरीबों के लिए वरदान है। सर्जरी के बाद रोमा के दिल का छेद भर गया है और अब वह गांव में सबको आयुष्मान योजना के बारे में जागरूक कर रही है।

फरीदाबाद से आयुष्मान भारत के सफलता की रिपोर्ट

आयुष्मान भारत योजना के तहत फरीदाबाद जिले में करीब आठ महीनो में 1752 लोगों को नया जीवन मिला है। इनमें से करीब 190 लोग ऐसे थे जो ह्रदय से सम्बंधित से बिमारियों की वजह से ज़िन्दगी-मौत के बीच फंस गए थे, लेकिन आयुष्मान भारत योजना ने उन्हें परेशानी से निजात दी और अब वो ख़ुशी-ख़ुशी अपनी ज़िन्दगी व्यतीत कर रहे है।

स्वास्थ्य को लेकर मोदी सरकार का 4 Pillar पर फोकस

जनसामान्य का स्वास्थ्य देश के उन मुद्दों में से है जिनकी व्यापकता सबसे अधिक है। इसके बावजूद दशकों तक इस धारणा को खत्म करने के प्रयास नहीं के बराबर हुए कि हेल्थ सेक्टर के लिए सब कुछ स्वास्थ्य मंत्रालय ही करेगा। मोदी सरकार ने स्वास्थ्य संबंधी वास्तविक जरूरतों को समझते हुए हेल्थ सेक्टर से जुड़े अभियानों में स्वच्छता मंत्रालय, आयुष मंत्रालय, रसायन और उर्वरक मंत्रालय, उपभोक्ता मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को भी शामिल किया। इन सब मंत्रालयों को मिलाकर चार Pillars पर फोकस किया जा रहा है जिनसे लोगों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।

1. Preventive Health – इसके तहत स्वच्छता, योग और टीकाकरण को बढ़ावा देने वाले अभियान शामिल हैं जिनसे बीमारियों को दूर रखा जा सके।
2. Affordable Healthcare – इसके अंतर्गत जनसामान्य के लिए सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
3. Supply side interventions – इसमें उन कदमों पर जोर है जिनसे किसी दुर्गम क्षेत्र में भी ना तो डॉक्टरों और ना ही अस्पतालों की कमी हो।
4. Mission mode intervention – इसमें माता और शिशु की समुचित देखभाल पर बल दिया जा रहा है।

इन चार Pillars के आधार पर ही मोदी सरकार ने हेल्थकेयर से जुड़ी अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाया है।