दिवाली के मौके पर अपने राम के लिए सज संवर रही है अयोध्या

इस बार दिवाली के मौके पर पहली बार अयोध्या नगरी की भव्यता पहले से कुछ ज्यादा ही दिखने वाली है। यू तो पिछले कई सालो से अयोध्या में दिवाली पर्व को बहुत धूमधाम के साथ बनाया जा रहा था लेकिन इसबार इसकी छटा बिलकुल अलग ही रहने वाली है क्योकि 500 सालों में पहली बार इसबार रामजन्मभूमि में भी दिवाली के दीपक जलाये जायेंगे।

दुल्हन की तरह सज रही अयोध्या

इस दोहरी खुशी के मौके को खास करने के लिए दीपोत्सव 11 से 13 नवम्बर को अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। पूरी अयोध्या इसकी तैयारियों में जुटी है, जहां देखो काम हो रहा है। रामनगरी की सीमा में घुसते ही तोरणद्वारों का क्रम जारी हो जाता है। रामायण के प्रसंगों के अनुसार इनकी सजावट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसमें से कुछ तो अलग-अलग फूलों से सजाए जाएगे। दीपोत्सव के दौरान अयोध्या रौशनी से नहा उठे इसके लिए हर खंभे, हर पुल, गली, मोहल्ले, चौराहों, घाट और मन्दिरों की भव्य लाइटिंग की जा रही है। वही इस बार कयास लगाया जा रहा है कि पर्यटको की संख्या भी बढ़ सकती है। कोरोना काल में सामाजिक दूरी के तहत सभी इस त्योहार का लुफ्त ले सके इसका भी पूरा ध्यान सरकार रख रही है।

स्क्रीन के जरिये देश-दुनिया के रामभक्त इस खुशी में शामिल हो सकेंगे

दीपोत्सव के दिन जहां-जहां कार्यक्रम लक्ष्मण, सीता सहित प्रभु श्रीराम का आगमन, भरत से मिलने की जगह, राजतिलक और राम की पैड़ी आदि होने हैं, उनकी सजावट को नायाब बनाने की तैयारी है। इस बात का हरसंभव प्रयास होगा कि दीपोत्सव के दिन दोपहर तीन से रात के आठ बजे तक चलने वाले सभी कार्यक्रमों में एकरूपता दिखे इस क्रम में मुख्य कार्यक्रम स्थलों के बैकग्राउंड एक जैसे होंगे। तिलकोत्सव, राजतिलक, सरयू आरती के दौरान वेदपाठी ब्राह्मण अवसर के अनुसार जब मंत्रपाठ करेंगे तो पूरी अयोध्या में सिर्फ वही धुन सुनाई देगी। पूरे कार्यक्रम का बड़ी-बड़ी स्क्रीन और स्क्रीन लगे वाहनों से सजीव प्रसारण होगा। तकनीक के जरिए इसे देश-दुनिया के रामभक्त इस खुशी में शामिल हो सकेंगे।

योगी सरकार का अयोध्या में यह चौथा दीपोत्सव

इस बार योगी सरकार का अयोध्या में यह चौथा दीपोत्सव है। अन्य दीपोत्सव की तरह इसमें भी दीपकों के मामले में रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। इस बार का दीपोत्सव को दोगुने उत्साह के साथ मनाने की योजना है। कोविड 19 का पालन करते हुए अयोध्या में इस बार 5 लाख 51 हजार दिये जलाकर नया रिकर्ड बनाया जा रहा है जिसमे डेढ़ लाख दीपक माटी कला बोर्ड देगा। पिछले साल गिनीज बुक में दर्ज 414 लाख दीप जलाने का अपना ही रिकॉर्ड अयोध्यावासी तोड़ेंगे। इसके लिए अवध विवि के छात्र-छात्राओं को जिम्मेदारी दी गई है। दीपोत्सव को याद्गार बनाने के लिए पूरी अयोध्या को सजाया जाएगा। इस आयोजन को व्यापक बनाने के लिए पार्षदों का भी सहयोग लिया जाएगा।

अलग-अलग वार्ड में दीपक जलाने और साज-सज्जा प्रतियोगिता

महानगर के अलग-अलग वार्ड में दीपक जलाने और साज-सज्जा भी काराई जाएगी। इसे ड्रोन कैमरे से देखा जाएगा। जिस वार्ड की सजावट सबसे खूबसूरत होगी उसे वार्ड के पार्षद को शासन-प्रशासन द्वारा सम्मानित व पुरस्कृत किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने बताया कि अयोध्या में अयोजित होने वाले दीपोत्सव कार्यक्रम में एकरूपता होगी। जो भी अयोध्या में सजावट हो रही है उसकी ड्रोन मैंपिंग होगी। जिस वार्ड की साज-सज्जा सबसे अच्छी होगी उसे पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अलावा दीपोत्सव की खासियत यह होगी कि हम डिजिटल दीपावली का कांसेप्ट लांच कर रहे हैं। इसके जरिए ऑनलाइन लोग अयोध्या के कार्यक्रम में शामिल हो सकेंगे।

कलयुग में सतयुग की दिवाली की झलक इसबार अयोध्या में दिखने वाली है और हो भी क्यो न आखिरकार सालों बाद सच में रामजी जो अयोध्या आ रहे है।