AYODHYA CASE: अयोध्या विवाद पर आज पूरी हो जाएगी सुनवाई, फिर फैसले का इंतजार!

Hearing on Ayodhya dispute will be completed today

अयोध्या राम जन्मभूमि के जिस मुकदमें पर पूरे देश की निगाह है, उसकी सुनवाई बुधवार को ही पूरी होने की सम्भावना है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से पक्षकारों को अपना पक्ष रखने के लिए मंगलवार को बांटे गए समय से इस बात का संकेत मिलता है। सोमवार को भी सुनवाई के दौरान कोर्ट ने चर्चा के दौरान सुनवाई बुधवार को पूरी कर लेने के संकेत दिये थे।

राम जन्मभूमि विवाद के कारण देश की राजनीति ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, पिछले करीब 70 साल से देश की अदालतों में चल रहे अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद की आखिरी दलील की सुनवाई पूरी होने के बाद अयोध्या मामले में फैसले की उम्मीद बढ़ जाएगी। अब कई दशकों के बाद उम्मीद है कि फैसला जल्द होगा।

6 अगस्त से सुप्रीम कोर्ट में इस मसले की सुनवाई रोजाना चल रही है। हिंदू पक्ष, मुस्लिम पक्ष लगातार अपनी दलीलें अदालत में रख रहे है और अदालत का रुख अपनी ओर करने का प्रयास लगातार अपनी दलीलों और तर्कों द्वारा किया जा रहा है।

इससे पहले हिन्दू पक्ष महंत सुरेश दास की ओर से पेश वरिष्ठ वकील के.परासरन ने कहा कि बाबर आक्रमणकारी था, उसने राम जन्मस्थान पर मस्जिद बनाई थी इस ऐतिहासिक गलती को अब सुधारने का समय है। उन्होंने कहा कि भारत एक सभ्य देश है जिसने कभी किसी पर आक्रमण नहीं किया। यहां अतिथि देवो भव, आचार्य देवो भव, ऋषि देवो भव की भावना है। लेकिन यहां बहुत आक्रमणकारी आए उनमे से एक बाबर भी था और आक्रमण के बाद अयोध्या में राम जन्मस्थान पर मस्जिद बनवाई। कोई भी आक्रमणकारी शासक कानून के ऊपर कैसे हो सकता है।

परासरन ने कहा कि अयोध्या मे इस ऐतिहासिक मस्जिद के अलावा कुल 50 से लेकर 80 मस्जिदें हैं, मुसलमान चाहें तो कहीं भी नमाज पढ सकते है। लेकिन हिन्दुओं के लिए यह भगवान राम का जन्म स्थान है और जन्मस्थान नहीं बदला जा सकता।

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने सुनवाई के दौरान कोर्ट में कहा कि आज मंगलवार को सुनवाई का 39 वां दिन है और कल 40वां दिन होगा। कल सुनवाई पूरी हो जाएगी। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कोर्ट में पहले 18 अक्टूबर और बाद मे 17 अक्टूबर तक सुनवाई पूरी कर लिए जाने की बात कही थी, क्योंकि बाद में फैसला लिखने के लिए उनको एक महीने तक का वक्त चाहिए। बता दे की चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर होने जा रहे हैं, और ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि वह इस तारीख से पहले अयोध्या मामले में फैसला सुना सकते हैं। बहस अगर आज खत्म होती है तो 17 नवंबर तक इस मामले के फैसले के लिए करीब एक महीना ही बचेगा।

गौरतलब है की चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के अलावा इस मामले की सुनवाई कर रही संविधान पीठ में जस्टिस एस.ए. बोबड़े, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एसए नज़ीर भी शामिल हैं।