खौफ, आतंक के साये से मुक्त होता कश्मीर

कोरोना वैक्सीन आने में कुछ हफ्ते और लग सकते है लेकिन कश्मीर से आतंक के खात्मे की वैक्सीन बन चुकी है और घाटी की फिजाओं में इसका असर भी दिख रहा है। तभी अब कश्मीर में पत्थरबाज युवाओं की जगह लोकतंत्र की थाप पर नाचते युवा दिख रहे है। धारा 370 हटने के बाद पहली बार राज्य में हो रहे DDC चुनाव में ये साफ दिख रहा है

आजादी के बाद घाटी में कोई भी चुनाव हुए हो, हर चुनाव में एक डर का माहौल देखा जाता था लेकिन ये पहला मौका है जब कश्मीर के लोगों के चेहर में बिना डर के लोकतंत्र के पर्व में हिस्सा लेते हुए देखा जा रहा है। जिसका नतीजा है कि तीन चरणो के चुनाव में वोटिंग  50 फीसदी से ऊपर ही रहा है। कश्मीर के लोग अपने इलाके के विकास के लिये DDC चुनाव में बिना खौफ के हिस्सा लेकर ये जता रहे है कि वो भारत के साथ थे और रहेगे। इतना ही नही जिन लोगो को पहली बार आजादी के बाद वोट डालने का अधिकार मिला है वो तो सड़को पर झूमते हुए दिख रहे है और जश्न मनाते हुए मोदी सरकार को बधाई दे रहे है कि उन्होने वो अधिकार उन्हे दिया है जिसके लिए वो दशकों से तरस रहे थे। इतना ही नही पहली बार ऐसा हुआ है जब कश्मीर में आंतकी संगठनो ने भी किसी चुनाव का बहिष्कार न किया हो वरना लगातार हर चुनाव से पहले वो इसका बहिष्कार करते आये है। ऐसे में कश्मीर के विकास की नीति मोदी सरकार की सही साबित हो रही है।

पाकिस्तान को खानी पड़ी मुंह की

कश्मीर में जिस तरह के माहौल आज बना हुआ है उससे ये साफ हो गया है कि पाकिस्तान ही कश्मीर में आतंक फैलाकर माहौल खराब करता था तो कुछ लोग अपनी सियासत और सत्ता में कबिज होने के लिए कश्मीर में भय का वातावरण बनाए रखना चाहते थे। आज ऐसे लोग कश्मीर में बदली परिस्थिति में खिसिया रहे है। आलम ये है कि पाक तिलमिलाहट में सीमा पर लगातार गोलाबारी करके कश्मीरियों को नुकसान पहुंचा रहा है। हां, ये जरूर है कि भारतीय फौज पाकिस्तान को उसी की भाषा में उससे ज्यादा बेहतर जवाब दे रही है तो घर में छुपे देश के गद्दारों को अब जनता पहचान चुकी है और उनका राज लगातार खोल रहा है। ऐसे में मोदी सरकार ने कश्मीर के लिए जो सोचा था वो होता दिख रहा है यानी विकास की गंगा कश्मीर के हर इलाके से बहने के लिए बेकरार है। सरकार इसके लिये 50 हजार करोड़ का बजट भी घोषित कर चुकी है। लेकिन ये तो तय है कि मोदी सरकार ने महज 6 साल के भीतर ही पाकिस्तान को बता दिया कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा।

किसी समस्या का समाधान अगर सच्चे मन से निकाला जाये तो निकलता ही है ये बात कश्मीर समस्या को लेकर साफ देखा जा सकता है। आज कश्मीर में एक तरफ आतंक का रास्ता युवा छोड़कर विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे है तो सीमा पार से आतंकवाद की कमर भी टूट चुकी है। उसपर विकास के हो रहे काम ये बता रहा है कि घाटी की फिजा अब बदल चुकी है।