आर्थिक मोर्चे पर हर दिन मिल रहे शुभ संकेत

कोरोना महामारी की मार से उबर रही देश की अर्थव्यवस्था के लिये कुछ शुभ ऑकड़े सामने आये है जिससे ये बोला जा सकता है कि मोदी सरकार की आर्थिक नीति अब धीरे धीरे रंग दिखाने लगी है। तभी मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में उछाल की खबर के बाद सर्विस सेक्टर में बूम की खबर आ रही है।


7 महीने के बूम पर सर्विस सेक्टर

हर दिन अर्थव्यवस्था को लेकर कोई न कोई अच्छी खबर देखने को मिल ही जाती है। लेकिन आज जिस तरह की खबर आई है उससे आपका सीधा संबध है। जी हां, 7 महीने के बाद सर्विस सेक्ट में तेजी देखी गई है जिसका ये मतलब है कि देश में रोजगार एक बार फिर से तेजी से बढ़ रहे है। निक्केई इंडिया सर्विसेज पीएमआई(PMI) सितंबर में बढ़कर 54.1 पर पहुंच गया, जो अगस्त में 47.5 है। नए बिजनस ऑर्डर में बढ़ोतरी के कारण ऐसा हुआ। इससे सर्विसेज सेक्टर में 2011 के मध्य के बाद से सबसे तेजी से रोजगार पैदा होने की शुरुआत हो सकती है। जिसका लाभ देश की जनता को हो सकता है और ये सब मोदी नीति के चलते ही हो रहा है क्योकि जिस तरह से विदेशी निवेशकों को मोदी जी ने भारत के प्रति लुभाया है उसके चलते देश में कई राज्यों में नये नये कल कारखाने खुले है जिससे लोगो को रोजगार मिलने की संभावना बढ़ गई है।

मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में 13 साल के उच्च स्तर पर

जब से पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत बनाने का संकल्प लिया है तब से देश का हर नागरिक इसे पूरा करने में जुट गया है जिसकी वजह से आज मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर का PMI 58.9 फीसदी पर पहुंच गया है जो 13 साल में सबसे उच्च स्तर माना जा रहा है। सरकार की माने तो ये बूम इस लिये दिख रहा है क्योकि कोरोना काल में जो राहत पैकेज कारोबारियों को दिया गया उसकी मदद से देश में बहुत से लोगो ने अपना काम शुरू किया जिससे देश में उत्पादन की क्षमता बढ़ी है तो लोगो को रोजगार भी मिला है। जिसका परिणाम है कि आज हम मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में पहले से ज्यादा अच्छा कर पा रहे है।

अगर ये कहा जाये तो गलत नही होगा कि मोदी जी ने एक पंथ से दो काज किये है, एक तरफ लोन देकर लोगों के रोजगार खोलने में मदद की है तो दूसरी तरफ कोरोना से थम चुकी देश के अर्थतंत्र को भी रफ्तार प्रदान की है जिससे देश के साथ साथ आज देश का हर नागरिक भी आत्मनिर्भर बन रहा है।