ननकाना साहिब पर हमला और तोड़-फोड़ मामला, कहाँ गए इमरान के खोखले दावे?

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के सरपरस्त होने का दावा करने वाले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के दौर में सिखों के सबसे पवित्र धर्मस्थान गुरुद्वाना ननकाना साहिब पर हुए हमलों और तोड़-फोड़ से इमरान के दावों की धज्जियाँ उड़ गयी है|

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को पाकिस्तान के ननकाना साहिब में गुरूद्वारे के आस-पास उग्र भीड़ द्वारा तोड़-फोड़ की गयी| सैकड़ों कट्टरपंथी मुस्लिमों की भीड़ ने ननकाना साहिब गुरुद्वारे को घेरकर पथराव किया और सिखों को भगाने, गुरुद्वारा ढहाने और शहर का नाम बदलकर गुलाम अली मुस्तफा रखने की धमकी दी। कट्टरपंथियों की भीड़ ने सिख विरोधी नारे भी लगाए| इन हंगामों की वज़ह से गुरुद्वारे में भजन-कीर्तन रद्द करना पड़ा।

बता दें कि ये घटना उस समय हुई है जब पुरे विश्व के सिख समुदाय के लोग अपने दसवें गुरु “गुरु गोविन्द सिंह जी” के जन्मदिन के समारोहों में व्यस्त हैं|

मंत्री फवाद चौधरी ने गुरूद्वारे पर हमले की खबर को बताया था फेक न्यूज

पाकिस्तान के विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी मंत्री फवाद चौधरी ने कथित तौर पर ननकाना साहिब गुरूद्वारे पर हमले की खबर को फेक न्यूज बताया था|

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह के इमरान खान से सिख समुदाय की सुरक्षा की अपील वाले ट्वीट के जवाब में मंत्री फवाद खान ने फेक न्यूज़ का जिक्र करते हुए ट्वीट किया था|

सिख लड़की के अपहरण, धर्म परिवर्तन, और जबरन शादी से भी जुड़ा है मामला

उल्लेखनीय है कि गुरुद्वारा ननकाना साहिब पर हमले की घटना के तार पिछले साल एक 19 वर्ष की सिख लड़की, जगजीत कौर के अपहरण, धर्म परिवर्तन, और फिर जबरन मुहम्मद एहसान नाम के लड़के के साथ निकाह से जुड़े हैं| बताया जा रहा है कि गुरूद्वारे पर हमले करने वाली भीड़ मुहम्मद एहसान के परिवार वालों के ही अगुवाई में थी|

भारत के जताया कड़ा विरोध, पाकिस्तान सरकार से सिखों की सुरक्षा की अपील

सिखों के सबसे बड़े धर्मस्थल पर हुए हमले का भारत ने कड़ा विरोध किया है| विदेश मंत्रालय के अलावा, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह, और प्रसिद्ध क्रिकेटर हरभजन सिंह इत्यादी ने इस घटना पर अफ़सोस ज़ाहिर करते हुए पाकिस्तान सरकार से सिखों के जान-माल और उनके संस्कृति के सुरक्षा की अपील की|

बता दें कि हाल ही में भारतीय संसद द्वारा बनाये गए नए नागरिकता सुधार क़ानून पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और अन्य कई राजनेताओं और सेलिब्रिटीज ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के प्रति किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार न होने का दंभ भरा था| लेकिन सिखों के लिए सबसे पवित्र स्थानों में से एक ननकाना साहिब जैसे स्थान पर अगर कोई घटना घटती है, तो ज़ाहिर है की बाकी जगहों पर अल्पसंख्यकों के साथ कैसा व्यवहार होता होगा, ये तो बस अनुमान ही लगाया जा सकता है|