देश में विज्ञान और अनुसंधान क्षेत्र को उत्कृष्ट करने के लिए खुलेंगे अटल सामुदायिक शोध केंद्र

Atal Community Research Center will open to excel in science and research

हमारा देश एक कृषि प्रधान देश है और प्रधानमंत्री मोदी की हमेशा कोशिश रही है की कृषि क्षेत्र में किसी भी तरह की कोई असुविधा उत्पन्न न हो इसके साथ ही PM मोदी का मानना ये भी है की आज का ये दौर जितना कृषि का है उतना ही विज्ञान का भी है और इसीलिए विज्ञान और अनुसन्धान भी उतना ही महत्व रखते है | मोदी ने कहा है कि जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान से ही नए भारत के निर्माण का सपना साकार होगा | अब देश में मोदी के इस बयान का असर देखने को मिल रहा है | जी हाँ बता दे की निति आयोग ने देश में शोध कार्यों को विकसित करने के लिए अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर (एसीआईसी) मिशन की शुरुआत की है जिसके अंतर्गत पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय अटल सामुदायिक शोध केंद्र स्थापित करने की कवायद कर रहा है जहाँ पर इंजीनियरिंग और तकीनीकी से जुड़े विशेषज्ञों को अपने शोध को और बेहतर स्तर पर कर सकेंगे |

इस बारे में पूरी जानकारी देते हुए मंत्रालय न बताया की अटल इनोवेशन मिशन के अंतर्गत अटल टिंकरिंग लैब के लिए 8,800 स्कूलों का चयन किया गया है वहीँ दूसरी तरफ अटल इनक्यूबेटर प्रोग्राम के लिए 100 उच्च संस्थानों का चयन किया गया है |

देश के छोटे शहरों में स्थापित होंगे केंद्र

पेट्रोलियम मंत्री का कहना है की इन केन्द्रों को उन छोटे शहरों में स्थापित किया जाना है जो शैक्षणिक एवं शोध क्षेत्र में सरकार की सुविधा से वंचित रहे है | इन शहरों में उत्तर पूर्व से लेकर जम्मू एवं कश्मीर के छोटे जिलों को भी सम्मिलित किया गया है | इन केन्द्रों के स्थापना से लोकतंत्र की विकासशील अवधारणा भी मजबूत होगी |

चार सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस की स्थापना

एमटेक और पीएचडी करने वाले शोधार्थियों को उत्कृष्ट शोध की सुविधा देने के लिए इस्पात मंत्रालय ने आईआईटी मुंबई, चेन्नई, खड़गपुर, और बीएचयू में चार सेंटर ऑफ एक्सलेंस की स्थापना की है | सरकार का मानना है की उत्कृष्ट शोध की सुविधा होने से योजनाओं को प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जा सकता है साथ ही इससे समय और संसाधन की भी बचत होगी |

पीएम मोदी की जीरो बजट खेती की अवधारणा होगी सफल

प्रधान मंत्री के जीरो बज़ट वाली खेती को सफल करने के लिए इस्पात मंत्रालय के अंतर्गत स्थापित स्टील रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी मिशन ऑफ इंडिया (एसआरटीएमआई), इंडियन एग्रिकल्चर रिसर्च इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर कृषि की लागत को स्टील के जरिए कम बनाने के काम पर शोध कर रही है|

5 हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में मदद

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का कहना है की सरकार के देश की अर्थव्यवस्था को 5 हज़ार डॉलर करने का लक्ष्य नवोन्मेष के बिना नहीं तय किया जा सकता है और इसीलिए निति आयोग के इस लक्ष्य को समर्थन देने के लिए प्रधान ने सरकारी तेल एवं गैस कंपनियों को अपने कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व के तहत इस मुहिम की मदद करने का निर्देश दिया है |

शोध क्षेत्र के विकास के लिए PM पहले भी कई फैसले और योजनायें बना चुके है | आइये एक नज़र डालते है उन पर भी |

शोध को बढ़ावा देने के लिए पीएम रिसर्च फेलोशिप

PMRF

साल 2018 में PM मोदी ने आईआईटी में शोध को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री शोधवृत्ति (पीएम रिसर्च फेलोशिप) की घोषणा की थी जिसके तहत आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईएसई, आईआईएसईआर, आईआईईएसटी के अलावा भारत में मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय के एमटेक एवं पीएचडी करने वाले छात्रों को आवेदन के लिए सम्मिलित किया गया है |

पीएम रिसर्च फेलोशिप के तहत पात्रता मानदंड पूरा करने वाले छात्रों को पहले 2 वर्षों के लिए 70,000 रूपये प्रति माह, तीसरे वर्ष के लिए 75,000 रूपये प्रति माह तथा चौथे और 5वें वर्ष में 80,000 रूपये प्रति माह की फेलोशिप प्रदान किया जाना है | इसके अलावा वैसे शोध जिन्हें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और सेमिनारों में प्रस्तुत किया जायेगा वैसे शोधार्थियों को उनके विदेश यात्रा से संबंधित खर्च को पूरा करने के लिए 5 वर्ष की अवधि के लिए 2 लाख रूपये का शोध अनुदान दिया जाएगा |

‘टेक्नोलॉजी विज़न 2035’

03 जनवरी, 2016 को मैसूर में हुए भारतीय विज्ञान कांग्रेस अधिवेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को ‘टेक्नोलॉजी विजन 2035’ दिया था जिसके अंतर्गत मोदी ने देश को तकनीक और वैज्ञानिक क्षेत्र में दक्षता प्राप्त करवाने के लिए नया रूपरेखा तैयार करने की बात कही थी | मोदी के इस विज़न के तहत 12 क्षेत्रों पर विशेष रूप से काम किया जा रहा है जिनमे प्रमुख तौर पर शिक्षा, चिकित्सा और स्वास्थ्य, खाद्य और कृषि, जल, ऊर्जा, पर्यावरण और यातायात है | मोदी ने अपने  विज़न को ध्यान में रखते कई योजनाओ की शुरुवात की है और कई योजनाओ को शुरू करने की कवायद कर रहे है |

शोध के क्षेत्र में भारत का बढ़ा कद

आपको एक बहुत ही रोचक तथ्य बताना चाहते है | दुनिया भर के शोध कार्यों पर अध्ययन करने वाली स्कोपस एजेंसी ने भारत की रैंकिंग को सात से बढाकर पांच पर कर दिया है | स्कोपस के इस रैंकिंग टेबल में भारत जापान, फ्रांस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और इटली जैसे देशों को पीछे छोड़ दिया है | बता दे की शीर्ष पांच देशों में भारत के साथ अमेरिका, चीन, इंग्लैंड और जर्मनी है | स्कोपस एजेंसी का मानना है की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने शोध के क्षेत्र में एक नयी ऊँचाई को प्राप्त किया है |