आपदा के वक्त आखिर कब तक देश में होती रहेगी ओछी सियासत?

जब वक्त साथ में मिलकर कोरना के कहर को रोकने का है तो भी कुछ लोग देश की जनता की चिंता को छोड़ सियासत चमकाने की कवायद में लगे है। सब को अच्छी तरह से पता था कि आज पीएम मोदी की बंगाल चुनाव के तहत दो रैली है ऐसे में रैली के बीच में पीएमओ में फोन मिलाकर महाराष्ट्र के सीएम क्या बताना चाहते थे कि केंद्र सरकार उनकी मदद नहीं कर रही जबकि केंद्र सरकार ने वक्त रहते महाराष्ट्र को दूसरे राज्यो से ज्यादा ऑक्सीजन पहुंचाने की बात कर रही है तो वैक्सीन की भी सबसे ज्यादा डोज महाराष्ट्र को ही दी गई थी। जिसके बावजूद भी महाराष्ट्र सरकार की उदासीनता के चलते महाराष्ट्र के हालात आज सबसे ज्यादा खराब है।

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महाराष्ट्र को मिली सबसे ज्यादा वैक्सीन

सरकारी ऑकड़ो को माने तो देश में करीब 12 करोड़ लोगो को कोरोना वैक्सीन दी जा चुकी है। 91 दिनो में इतने लोगो को दुनिया में कोई भी देश वैक्सीन नही लगा पाया है।देश में अब तक दी गई कुल डोज का 59.56% आठ राज्यों में दी गई है। टीकाकरण अभियान के 91 वें दिन यानी 16 अप्रैल को 30 लाख 4 हजार 544 वैक्सीन खुराक दी गई। जिनमें से 22,96,008 लोगों को पहली डोज 7,08,536 लोगों को कोरोना के टीके की दूसरी डोज दी गई।देश में अब तक दी गई कुल डोज का 59.56% आठ राज्यों में दी गई है। ये राज्य है महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और केरल। सबसे ज्यादा कोरोना वैक्सीन की डोज महाराष्ट्र में दी गई है। सरकार की माने तो करीब 20 लाख वैक्सीन की डोज सरकार ने महाराष्ट्र को दी है जो सबसे ज्यादा है। हालाकि इस बीच महाराष्ट्र सरकार की उदासीनता के चलते राज्य में वैक्सीन की बर्बादी भी बहुत बड़े स्तर पर हुई है पर कुछ दरबारी मीडिया इस बात को पीछे छोड़ कर वैक्सीन की कमी का रोना रोकर सिर्फ मोदी सरकार को बदनाम करने में जुटे है।

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ऑक्सीजन की किल्लत को दूर करने के लिए केंद्र आगे आया

महाराष्ट्र में ऑक्सीजन की कमी जैसे ही बढ़ी वैसे ही केंद्र सरकार हरकत में आ गई और उसने तुरंत ही महाराष्ट्र में ऑक्सीजन की आपूर्ति को दुरूस्त करने की कवाद शुरू कर दी। सरकार की माने तो गुजरात के जाम नगर से और छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र भेजी गई है। खुद रेल मंत्री पियुष गोयल इस बाबत ट्वीट करके बता चुके है। लेकिन इसके बाद भी सिर्फ सियासत के चलते आरोप प्रत्यारोप का खेल खेलकर जनता को ये दिखाना की वो ज्यादा आपके हितैषी है ये इस वक्त गलत बात होगी। लेकिन इस बीच ये भी सोचने वाली बात है जब सब कुछ सही चल रहा था और हम कोरोना को हराने में हर दिन जीत हासिल कर रहे थे उस वक्त आखिरकार एकदम से ऐसी स्थिति क्यो बन गई और उसमें भी खासकर उन राज्यो में जहां मोदी सरकार के खिलाफ में सरकारे है। कही ये सब कुछ साजिश के तहत तो नहीं हुआ है जिससे वो सरकार को बदनाम कर सके।

आप खुद इस पर विचार करिये क्योकि ऐसा पहले भी कई बार विपक्ष के चरित्र में देखा गया है कि सत्ता के लिये कुछ भी करने के लिये ये लोग तैयार रहते है फिर दंगा करवाना हो या फिर देश में बेमतलब की समस्या पैदा करना हो।