भारतीय सेना के साथ अब रोबोट्स भी उड़ायेंगे दुश्मनों की नींद

ROBOTS-INDIA

वैसे तो चुनाव ख़त्म हो चुके, नतीजें भी आ गए, और 30 मई को शपथ समारोह के बाद नयी सरकार का गठन भी हो जायेगा| दुसरे कार्यकाल में सरकार के पास कई ऐसे मुद्दे होंगे जिस पर उन्हें अपनी पूरी निष्ठा से काम करना होगा और देश के हित में फैसला लेना होगा| पर एक मुद्दा ऐसा भी है जिसके बारे में मोदी सरकार ने कभी सोचना बंद नहीं किया, वो है देश और देश के जनता की सुरक्षा|

SURGCAL STRIKE और AIR STRIKE जैसे कदम उठा कर भारतीय सेना ने आतंकी संगठनों को खुली चुनौती दे दी थी, जिसके बाद ज़ाहिर था कि आतंकी खामोश नहीं रहेंगे| कश्मीर में भारतीय सेना के मिशन की वजह से आतंकियों में ऐसे ही खलबली सी मची हुई है| कल भी सेना के साथ मुठभेड़ में दो आतंकी ढेर हुए| इस स्थिति में कश्मीर में आतंकी गतिविधियों के बढ़ने की पूरी आशंका जताई जा रही है| ऐसे में ज़रूरी है की देश की सीमा पर सुरक्षा के इंतजामों को और भी मजबूत किया जाये|

पत्थरबाजों और आतंकवादियों से निपटने के लिए रोबोट्स

ख़बरों की माने तो भारतीय सेना बहुत जल्द ही कश्मीर में पत्थरबाजों और आतंकवादियों से निपटने के लिए रोबोट्स तैनात करने वाली है| ये रोबोट्स आतंकवादियों के दांत तो खट्टे करेंगे ही साथ ही पत्थरबाजों से भी निपटेंगे| ग्रेटर कश्मीर में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार डिफेन्स मिनिस्ट्री, काउंटर टेरर ऑपरेशन और ऐसे दुसरे ऑपरेशन के लिए रोबोटिक हथियारों की तैनाती करेगी| ये निर्णय सेना ने घाटी में सैनिकों के घायल या शहीद होने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए ये लिया है|

सूत्रों से ये भी सामने आया की भारतीय सेना ने घाटी के लिए 544 रोबोट्स का प्रोपोजल दिया था जिसे डिफेंस मिनिस्ट्री ने हरी झंडी दिखा दी है| भारतीय सेना में रोबोट्स को शामिल करने की बात को लेकर काफी पहले से चर्चा चल रही थी| पर अब इस मुद्दे पर सेना गंभीरता से काम कर रही है, और वो दिन दूर नहीं जब सेना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए सीमा पर सक्षम रोबोट्स की तैनाती कर देगी|

सीमा की तस्वीर में आएगा बदलाव

ये रोबोट्स न सिर्फ बॉर्डर पर होने वाली हलचल पर नज़र रख सकेंगे बल्कि तुरंत पोजीशन लेकर दुश्मन पर करवाई भी कर सकेंगे| सेना के इस कदम के बाद सीमा की तस्वीर बदल जाएगी| आने वाले भविष्य में हम रोबोट्स को सेना का टैंक और विमान चलते हुए देखेंगे जो दुश्मनों का काम तमाम करके लौटेंगे|

DRDO की लैब इस पर काम कर रही है

ये जानकारी कोई अफवाह नहीं है, एक सपना है जो बहुत जल्द हकीकत बनने जा रहा है| पिछले दो साल से DRDO इस क्षेत्र में काम कर रही है| DRDO से जुड़ी लैब सीएआईआर (सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड रोबोटिक्स) इस पर काम कर रही है और सेना के लिए रोबोट्स तैयार कर रही है| इन्हें मल्टी एजेंट रोबोटिक्स फ्रेमवर्क (एमएआरएफ) कहा जा रहा है| मोटे तौर पर इतना समझ लीजिए कि भविष्य में अगर कहीं पठानकोट जैसा हमला हुआ तो जवाब सैन्य बेस के सैनिक नहीं बल्कि अलग-अलग तरह से काम करने वाले रोबोट्स देंगे|

रोबोट्स सिर्फ हमला नहीं बचाव भी कर सकेंगे

भारतीय सेना में शामिल होने वाले रोबोट्स को कई काम एक साथ करने के लिए तैयार किया जा रहा है| रोबोट्स दुश्मन की दुरी और पोजीशन के साथ-साथ उनके मूवमेंट्स को भी भांप सकेंगे| और उसी के अनुसार अपनी रणनीति बना कर अटैक कर सकेंगे| और ये सिर्फ हमला ही नहीं, बल्कि बचाव करने में भी पुरे सक्षम होंगे| ज़ाहिर सी बात है रोबोट्स की ये खूबियाँ दुश्मनों को परेशानी में डाल देगी|

रोबोट्स के प्रकार

• सेंट्री रोबोट्स मोबाइल रोबोट हैं, जो चलते हुए निशाना लगाते हैं
• स्नेक रोबोट्स 14 ज्वाइंट्स से जुड़े रहते हैं, कहीं भी घुसकर मिशन को पॉसिबल कर सकते हैं

सीएआईआर इससे भी एक कदम आगे बढ़कर जो रोबोट तैयार कर रहा है, वो खुद पूरी तरह सक्षम होगा, ये AI पर आधारित होगा और कई काम एक साथ कर सकेगा| कुल मिलाकर इसका उद्देश्य भारतीय सेना को मजबूत बनाना तो है ही, साथ ही कई ऐसी पोजीशंस में जहां सैनिकों को दिक्कत होती है, वहां ये बखूबी सेना की मदद कर सकते हैं|

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चीन से लेकर अमेरिका में हो रही ये कवायद

हमारी आर्मी नेक्स्ट जनरेशन वारफेयर से निपटने के लिए एयरफोर्स, नेवी, और आर्मी को तैयार करने में लगी है| ताकि हम चीन से मिलने वाली चुनौती से बखूबी निपट सके| गौर करने की बात ये भी है कि चीन आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस से अपनी आर्मी को बदलने में तेज़ी से लगा हुआ है| सिर्फ चीन ही नहीं अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और यूरोपीय यूनियन भी एआई में अच्छा खासा पैसा लगा रहे हैं ताकि अपनी आर्मी को आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस से लैश कर सकें|

देश के डिफेंस प्रोडक्शन सेक्रेटरी अजय कुमार ने पिछले दिनों एक अंग्रेजी नेशनल से बातचीत में कहा था कि सरकार ने सेना के तीनों अंगों में व्यापक तौर पर एआई लाने का फैसला किया है|

एक बात तो पुरे दावे के साथ कहा जा सकता है की रोबोट्स के सेना में आने से हमारे जांबाज़ सैनिकों के घायल या शहादत होने की घटनाओं पर रोक लगेगी, रोबोट्स के आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस से बॉर्डर पर होने वाली गतिविधियों पर पैनी नज़र रहेगी, और दुश्मनों के नापाक हरकतों पर लगाम लगेगी|