आर्मी स्काउट मास्टर्स – जाबांजों के जाबांजी की प्रतियोगिता

Jaisalmer gets ready to host Army Scout Masters Competition

वैसे तो अपने बहुत सी प्रतियोगिताओं के बारे में सुना और देखा होगा| हो सकता है आपने भी कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया हो और जीत हासिल की ही| लेकिन आज हम अपने पाठकों को एक ऐसी प्रतियोगिता के बारे में बताने वाले हैं जिसमे हर कोई भाग नहीं ले सकता, और जो सिर्फ जाबांजों के लिए है| ये प्रतियोगिता है, “आर्मी स्काउट मास्टर्स”, जो कि इंटरनैशनल आर्मी गेम्स का हिस्सा है|

आर्मी स्काउट मास्टर्स – इस बार भारत में

इस बार ये प्रतियोगिता हमारे देश में हो रही है और पहली बार इंडियन आर्मी भी इस प्रतियोगिता का हिस्सा है| मेजर जनरल तरुण कुमार एच ने बताया कि यह प्रतियोगिता राजस्थान के जैसलमेर में 6 से 14 अगस्त तक चलेगी जिसमे चीन, रूस सहित पांच और मित्र देश हिस्सा ले रहे हैं| आपको बता दें कि पिछले साल यह प्रतियोगिता रूस में हुई थी|

क्या है प्रतियोगिता?

इस प्रतियोगिता में सेना के एक कमांडर के साथ हथियारों से लैस 10 सैनिकों की टीम रात के अँधेरे में दुश्मन के इलाके में घुसेगी ताकि उन्हें इसकी खबर न लगे| इसके बाद ये दुश्मन के एक पोस्ट की निगरानी करेगी और उनके हर हरकत पर नज़र रखेगी| अपनी स्वयं की सुरक्षा के साथ-साथ ये टीम दुश्मन के गाड़ियों के काफिले पर हमला भी करेगी|

क्या कठिनाई है इस प्रतियोगिता में?

• बिना किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की सहायता लिए बिना रात के अँधेरे में दुश्मन के इलाके में लगभग 15 किलोमीटर तक आगे बढ़ना होगा|
• दुश्मन की गोलियों से खुद को बचाते हुए अपने साथियों को हथियार देने जैसा जोखिम भरा काम और इसी प्रकार की 22 अन्य बाधाओं को पार कर आगे बढ़ना
• दुश्मन का सफाया करने के बाद कमांडर को अपनी टीम के साथ वापस लौटना, जिसमें दुश्मन की नजरों से खुद को बचाते हुए 150 मीटर की पानी बाधा को तमाम हथियारों और उपकरणों के साथ पार करना होगा

इस प्रतियोगिता का लक्ष्य है सैनिकों की निशानेबाजी, नेविगेशन स्किल, और फायरिंग स्किल के साथ ही धैर्य और टीम वर्क की क्षमता का आकलन करना| साथ-साथ इस प्रतियोगिता के ज़रिये मित्र देशों के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाने तथा एक दूसरे की बेस्ट प्रैक्टिस भी सीख का मौका मिलता है|