चादर ट्रेक पर बर्फ़बारी में फंसे सैलानियों के लिए तारणहार बनी भारतीय सेना

लद्दाख के सुप्रसिद्ध चादर ट्रेक पर गए बर्फ में फंसे सैलानियों के लिए भारतीय सेना एक बार फिर तारणहार बनी| ठण्ड से जम चुकी ज़न्स्कर नदी पर बनी बर्फ की चादर पर ट्रेक करने के लिए आये सैलानियों का दल भारी बर्फ़बारी में ज़िन्दगी और मौत के बीच फंस गया था|

माइनस 20 से भी कम तापमान में सेना ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

आज मंगलवार को चादर ट्रेक पर बर्फ के बीच फंसे सैलानियों को निकालने के लिए भारतीय सेना ने बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। शुन्य से भी 20 डिग्री कम तापमान में सेना के जवान हेलिकॉप्टर से फंसे सैलानियों को निकालने वाली रेस्क्यू टीम में त्वरित चिकित्सा सुविधा के लिए मेडिकल टीम के भी शामिल थी।

उल्लेखनीय है कि पिछले कई दिनों से चादर ट्रेक क्षेत्र में विषम मौसम परिस्थिति के कारण भीषण बर्फ़बारी भी हुई, और इस से पहले तेज धुप में ज्यादा बर्फ के पिघलने से ज़न्स्कर नदी का जलस्तर भी बढ़ गया था| जिसके फलस्वरूप बर्फ के चादर के ऊपर से पानी बहने लगा था|

इन्ही परिस्थितियों में फंसे पर्यटकों को लद्दाख प्रशासन के अनुरोध पर फायर ऐंड फ्यूरी कॉर्प्स ने तेजी से कदम उठाते हुए दो दिशाओं से रेस्क्यू ऑपरेशन की शुरुआत की|

दुर्गम जगह पर हेलिकॉप्टर लैंड करवाने में भी थी समस्या

ज़न्स्कर नदी के पास जिस इलाके में यह लोग फंसे थे, वहां सेना के हेलिकॉप्टर्स को लैंड करवाने की भी जगह नहीं थी| फिर भी सेना के जवानों ने इस चुनौती का सामना करते हुए हेलिकॉप्टर की लैंडिंग कराई और लोगों को रेस्क्यू किया। जानकारी के मुताबिक, छह लोग गंभीर रूप से बीमार थे जिन्हें त्वरित इलाज के लिए सेना के हेलिकॉप्टर से ही लेह के सेना अस्पताल पहुँचाया गया|

बता दें की चादर ट्रेक भारत के सबसे प्रसिद्ध ट्रेक में से एक है, जो एडवेंचर टूरिज्म के दीवानों के बीच खासा लोकप्रिय है|