चीन नहीं अब भारत में होगा एप्पल आईफोन का उत्पादन

 

भारत_की_विदेश_नीति_सफल

लगातार हम कुछ महीनों से विपक्षी दलों से सुनते आये हैं कि मोदी सरकार विदेशी नीतियों मे असफल रही है| लेकिन ये पूरी तरह से गलत हैं हम लगातार देखते आए हैं कि विदेशी कंपनियां यहाँ आकर कर करोड़ों-अरबों रुपये निवेश करते आए हैं| हाल ही में विदेश नीतियों में फिर से मोदी सरकार ने साबित कर दिया है कि वो सबसे सफल प्रधानमंत्री हैं, जी हाँ आपको बता दें की अब दुनिया की सबसे बड़ी स्मार्टफ़ोन कंपनी एप्पल अब भारत में अपना उत्पादन शुरू करेगी| सबसे खास बात ये है कि पहले Apple अपना उत्पादन चाइना में करता था लेकिन अब इसका उत्पादन यहाँ होगा| एक्सपर्ट्स की माने तो, इस निर्णय से चीन को नुकसान होगा वही भारत टेक्नोलॉजी की दुनिया में आगे निकलेगा|

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एप्पल के आईफोन का उत्पादन भारत में इसी साल से फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी द्वारा किया जाएगा। ब्लूमबर्ग ने यह जानकारी दी है। इससे पहले कंपनी आईफोन का उत्पादन चीन में कर रही थी। ताइवान की निर्माण कंपनी के समूह अध्यक्ष टेरी गो ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भारत आमंत्रित किया।

एप्पल कई सालों से बेंगलुरु में आईफोन के पुराने मॉडल का उत्पादन कर रहा है। लेकिन अब यह यहां निर्माण को विस्तार देते हुए नए मॉडल का उत्पादन करेगी। इस महीने की शुरुआत में यह खबर आई थी कि फॉक्सकॉन भारत में चेन्नई में अपने कारखाने में फुल-स्केल असेंबली शुरू करने से पहले आईफोन एक्स और आईफोन 7 के उत्पादन का ट्रायल करेगी।

गौ ने ताइवान में एक कार्यक्रम में कहा, “भविष्य में हम भारत के स्मार्टफोन उद्योग में एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।” उन्होंने कहा, “हमने अपनी उत्पादन लाइनें वहां स्थानांतरित कर दी हैं।

चीन में अपना बाजार खो रही है कंपनी

भारत इस समय दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला स्मार्टफोन मार्केट है। चीन में इसकी रफ्तार थम गई है। साथ ही चीन में एपल वहां की प्रतिद्वंद्वी कंपनियों हुवावे (Huawei) और शाओमी (Xiaomi) से मार्केट शेयर गंवा रही है। आईफोन की अधिक कीमत के कारण एपल भारत में बड़ी प्लेयर नहीं है। लेकिन भारत में प्रोडक्शन होने से कंपनी 20% आयात शुल्क से बच जाएगी। काउंटरप्वाइंट रिसर्च के एनालिस्ट कर्ण चौहान ने कहा, ‘फॉक्सकॉन के लिए चीन के मार्केट में अब बहुत कुछ बचा नहीं है। साथ ही वहां लेबर कॉस्ट भारत की तुलना में तीन गुना ज्यादा है। भारत अब भी उभरता हुआ स्मार्टफोन मार्केट है। यहां घरेलू क्षमता बहुत ज्यादा है साथ ही यह इस क्षेत्र में निर्यात हब के रूप में भी काम कर सकता है।’