सरकार का एक और सर्जिकल स्ट्राइक, इस बार हमला सुस्त अर्थव्यवस्था पर

Another surgical strike of the government, this time attack on sluggish economy

वैश्विक मंदी से बचने के लिए कल शुक्रवार को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अर्थव्यवस्था को पांचवा और सबसे बड़ा बूस्टर डोज दिया। सुस्त अर्थव्यवस्था से परेशान सरकार ने घरेलू कंपनियों का कॉरपोरेट टैक्स 30 फीसदी से घटाकर 22 फीसदी कर दिया । साथ ही नई कंपनियों पर भी कॉरपोरेट टैक्स 25% से घटाकर 15% कर दिया । नया टैक्स 1 अप्रैल 2019 से ही लागू होगा । इस तरह सरकार ने अर्थव्यवस्था को एक के बाद एक बूस्टर डोज देकर मंद पड़े अर्थव्यवस्था पर सर्जिकल स्ट्राइक कर दिया है । कॉरपोरेट टैक्स के अलावा सरकार ने कैपिटल गेन टैक्स को भी खत्म कर दिया है ।

भारत में अब कॉरपोरेट टैक्स की दर चीन के बराबर हो गयी है, इससे भारत को विदेशी कंपनियों को निवेश के लिए लुभाना आसन हो गया है। पिछले कुछ समय से ये विदेशी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां थाईलैंड और मलेशिया जैसे देशों की तरफ रुख कर रही थी, जो अब भारत की तरफ भी प्लांट लगाने के लिए देखेंगी| अब भारत में कॉरपोरेट टैक्स कई अन्य देशों के मुकाबले कम हो गयी है, जिसका फायदा आने वाले वक़्त में देखने को भी मिलेगा ।

सीतारमण ने कहा की कंपनियों को दी जाने वाली छूट से सरकार को 1.45 लाख करोड़ रुपये टैक्स का नुकसान होगा । एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा की “कॉरपोरेट टैक्स में कटौती 28 साल का सबसे बड़ा सुधार है | इससे पहले सरकार द्वारा 1991 में ऐसे सुधार के कदम उठाये गए थे |”

वित्त मंत्री के एलान के बाद शेयर बाजार में पिछले 10 साल की सबसे बड़ी उछाल देखने को मिली । दोपहर तक 2200 से ज्यादा अंकों की उछाल दर्ज हुई । शेयर बाजार में 10 साल में एक दिन में सर्वाधिक वृद्धि इससे पहले साल 2009 में देखने को मिला था । तब सेंसेक्स में एक दिन में सबसे अधिक 2110 अंकों का इजाफा हुआ था । बता दें कि इसी साल मई के महीने में भी सेंसेक्स में बड़ी वृद्धि देखने को मिली था । तब सेंसेक्स में 1421 अंकों का इजाफा देखने को मिला था । बाजार में उछाल के बाद रुपये में भी तेजी देखने को मिली है यह 66 पैसे चढ़कर 70.68 रुपये पर पहुंच गया है ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के इन फैसलों का स्वागत किया है और कहा है की “ देश में बिजनेस का बेहतर माहौल बनाने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं । पिछले कुछ सप्ताह में हमारी सरकार ने जो कुछ कदम उठाए हैं उससे साफ होता है कि हमारी सरकार व्यापार के लिए बेहतर वातावरण और देश में 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए संकल्पित है ।“

इन फैसलों के बाद अब आर्थिक संकट के बादल छंटने की उम्मीद है । वित्त मंत्री ने ये घोषणाएं उस वक्त की हैं जब चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर छह साल के निचले स्तर 5 प्रतिशत पर आ गयी थी ।