मोदी सरकार की विदेश नीति की एक और सफलता : 2 प्लस 2 वार्ता

भारत और अमेरिका अब कंधे से कंधा मिलाकर काम करने की ओर बढ़ते हुए दिखाई दे रहे है यानी की विश्व की दो बड़ी शक्ति अब एक साथ काम कर रही है जो मोदी सरकार की कुशल रणनीति का ही असर है जो भारत और अमेरिका 2 प्लस 2 वर्ता का दौर शुरू हो गया है।यह वार्ता आने वाले समय मे एक नया इतिहास लिखेगा।

अमेरिका भारत के बीच हुए कई रक्षा समझौता

 

इस बैठक के दौरान भारत और अमेरिका के बीच कई मुद्दे पर चर्चा हुई है लेकिन सबसे बड़ा करार रक्षा क्षेत्र मे हुआ है। जिसके तहत भारतीय सेना को अमेरिका से महात्वपूर्ण संचार साजो समान देगा। जिससे भारत अपनी सीमा पर चौकसी और बेहतर तरीके से कर पायेगा। कॉमकासा जैसी तकनीक पाने वाला भारत पहला ऐसा देश होगा जो नाटो का सदस्य नही है। इसके साथ साथ अमेरिका भारत को  परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह की सदस्यता जल्द-से-जल्द दिलाने के लिए एकसाथ मिलकर काम करने पर भी राजी हो गया है। साथ ही अमेरिका सी 130 ग्लोब मास्टर,सी 130, पी 81एयरक्राफ्ट चिनूक- अपाचे हेलीकाप्टर हासिल करने का रास्ता भी साफ हो गया है।

पाकिस्तान को नसीहत

 

दूसरी तरफ दोनो देशों ने एक बार फिर से आंतकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने की बात इस बैठक मे की।भारत और अमेरिका दोनो ने पाकिस्तान को ताकीद करते हुए कहा कि वह अपनी धरती का इस्तेमाल सीमापार आतंकी हमलों के लिए नहीं होने देI साथ ही, पाकिस्तान से पहले के आतंकी हमलों के लिए दोषी अपराधियों के खिलाफ जल्द कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई। नई दिल्ली और वाशिंगटन ने विस्तृत हिंद-प्रशांत क्षेत्र को उन्मुक्त व खुला रखने की दिशा में एक साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जाहिर भी की।

इसके साथ साथ भारत ने ईरान और रूस के साथ अपने संबधो और एच 1 वीजा पर भी चर्चा हुई औऱ कही न कही अमेरिका इस मुद्दो पर भा भारत के साथ खड़ा दिखा जिससे ये माना जा रहा है कि ईरान और रूस से खरीदारी पर जो बैन अमेरिका ने भारत पर लगाये है उस पर वो छूट दे सकता है, जो मोदी सरकार की एक बड़ी जीत होगी।

अगर इस पूरी बैठक का लब्बोलुबाब निकाला जाये तो कही न कही मोदी सरकार की रणनीति सटीक निशाने पर लगी है। भारत की महिला शक्ति यानी की सुषमा स्वारज और निर्मला सीतारमण की जोड़ी का कमाल भी खूब देखने को इस बैठक मे मिला है।