इकोनॉमी को आत्मनिर्भर भारत 03 का एक और बूस्टर डोज  

कोरोना संकट और फिर लागू हुए लॉकडाउन की वजह से पटरी से उतरी अर्थव्यवस्था को सही रास्ते पर लाने के लिए मोदी सरकार ने एक और राहत पैकेज की घोषणा की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मौके पर उहोने कहा कि हाल में आए आंकड़े अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दे रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने आत्मनिर्भर भारत 3.0 का एलान कर दिया। आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की शुरुआत की गई है जिससे देश में नए रोजगार का सृजन हो सके।

रोजगार में तेजी लाने की कवायद

रोजगार को बढ़ावा देने के लिए आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की घोषणा की गई। इससे संगठित क्षेत्र में रोजगार को बल मिलेगा। पंजीकृत ईपीएफओ (EPFO) प्रतिष्ठान से जुड़ने वाले कर्मचारियों को फायदा मिलेगा जो पहले ईपीएफओ से नहीं जुड़े थे या जिनकी नौकरी 1 मार्च से 30 सितंबर तक नौकरी चली गई हो उन्हें भी इस योजना का फायदा मिलेगा। यह योजना एक अक्तूबर 2020 से लागू होगी और 30 जून 2021 तक लागू रहेगी। इस योजना में दो कैटेगरी हैं,  पहली वो कंपनियां जिनमें 1000 से कम कर्मचारी हैं, कर्मचारी के हिस्से का 12 परसेंट और कंपनी का 12 परसेंट केंद्र सरकार योगदान देगी दूसरी वो कंपनियां जहां 1000 से ज्यादा कर्मचारी हैं जहां सरकार सिर्फ कर्मचारी का 12 प्रतिशत देगी, ये योजना 2 साल के लिए लागू होगी। स्कीम का लाभ लेने के लिए आधार के साथ EPFO अकाउंट खुलवाना पड़ेगा। इस योजना के तहत लगभग 95 परसेंट संस्थाएं इसमें कवर हो जाएंगी।

अर्थव्यवस्था में लगातार हो रहा सुधार

इस बीच वित्तमंत्री ने ये भी बताया कि सरकार के कदमो का असर अब दिखने लगा है तभी कुछ अच्छी खबर भी सामने आ रही है। मसलन जीएसटी (GST) कलेक्शन के आंकड़े बेहतर आए हैं। रिजर्व बैंक ने यह संकेत दिया है कि तीसरी तिमाही में ही इकोनॉमी पॉजिटिव जीडीपी ग्रोथ हासिल कर सकती है। मूडीज ने भी भारत की रेटिंग में सुधार किया है। हमारी नेगेटिव रेटिंग पहले से बेहतर हुई है। वित्त मंत्री ने कहा कि रेलवे में माल ढुलाई 20 फीसदी बढ़ी है। बैंक कर्ज वितरण में 5 फीसदी की बढ़त हुई है। अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में अर्थव्यवस्था बेहतर होगी। एफपीआई का नेट निवेश भी सकारात्मक रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार भी 560 अरब डॉलर के रिकॉर्ड पर पहुंच गया है। इसी तरह किसानों को राहत देने के प्रयासों के भी नतीजे अच्छे आए हैं।  बैंकों ने 157.44 लाख किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए हैं। उन्हें दो चरणों में 143262 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा के तहत 1681 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। नाबार्ड के जरिए 25 हजार करोड़ रुपये की कार्यशील पूंजी आवंटित की गई।

लगातार अर्थव्यवस्था को दुरूस्त करने में लगी मोदी सरकार का दिवाली से पहले ये एक और कदम बताता है कि मोदी सरकार देश की अर्थव्वस्था को लेकर कितनी संजीदा है।