वीआईपी कल्चर पर एक और वार, मंत्री हो या अधिकारी एयर इंडिया में नही कर पायेंगे उधारी की सफरी

मोदी सरकार के अब तक के कार्यकाल के दौरान कई बड़े फैसले लिए गए हैं, जिससे आम जनता की जिंदगी पर सीधा असर पड़ा है। लेकिन, समय-समय पर इस सरकार ने कुछ ऐसे अहम निर्णय भी लिए हैं, जिसने केंद्रीय मंत्रियों और वीआईपी  कल्चर को सीधा प्रभावित किया है। इसमें एयर इंडिया के संबंध में लिया गया फैसला सबसे ताजा उदाहरण है जिसमे मोदी सरकार ने आदेश जारी किया है कि सभी केंद्रीय मंत्री एयर इंडिया में अपना बकाया चुकाएं और भविष्य में अपने टिकट खुद खरीदें। हालांकि, ये पहला मौका नहीं है कि जब इस तरह का कोई आदेश जारी किया गया हो।

एयर इंडिया में अब मंत्री और अधिकारियों को लेना होगा टिकट

केंद्र सरकार के मंत्री और सरकारी अधिकारी  उधार में एयर इंडिया  से अब हवाई टिकट   नहीं खरीद पायेंगे। एयर इंडिया ने सरकार के मंत्रालयों विभागों को उधार  में हवाई टिकट देना बंद कर दिया है। एयर इंडिया के इस फैसले के बाद वित्त मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों विभागों को निर्देश दिए हैं कि अगले आदेश तक एयर इंडिया से उधार में टिकट नहीं खरीदे जाएं।  वित्त मंत्रालय ने सभी मंत्रलायों विभागों से एयर इंडिया का बकाया रकम फौरन चुकाने का भी आदेश दिया है जो ये बताता है कि वीआईपी कल्चर को लेकर सरकार कितनी सख्त है।

Government To Sell 100 Percent Stake In Airindia, Airline Become Cash  Strapped - एयर इंडिया में 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में सरकार -  Amar Ujala Hindi News Live

वाहन से लालबत्ती और संसद की कैंटीन से वीआईपी कल्चर को किया था खत्म

सत्ता में आते ही पीएम मोदी ने सबसे पहले बड़ा आदेश दिया था जिसमें मंत्री और अधिकारियों के वाहन से लालबत्ती का प्रयोग कम कर दिया गया था और यह संदेश  दिया था कि देश में कोई भी वीआईपी नहीं है बल्कि सभी सामान्य है। जिसके बाद  प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, राज्य कैबिनेट मंत्री, नौकरशाहों समेत सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जज तक के वाहनों में लाल बत्ती हटा ली गई थी। इसी तरह संसद की कैंटिन की सब्सिडी खत्म होने के बाद वहां की कैंटीन की नई रेट लिस्ट जारी हुई थी। लंबे समय से इस कैंटीन में सबसे सस्ते व्यंजन परोसे जा रहे थे। कई वर्षों से सब्सिडी बंद करने की गहमागहमी भी थी, जो आखिरकार मोदी कार्यकाल में ही पूरी हुई। इतना ही नहीं जब कोरोना वैक्सीन लगाने की बात सामने आई तब भी वीआईपी कल्चर को किनारे रखा गया और साफ आदेश दिये गये कि कोई भी वीआईपी होने के नाते वैक्सीन लगवाने के लिए नहीं जा सकता है।

 

ऐसा नही है कि सिर्फ सरकार ने आदेश ही किये बल्कि इसका पालन भी खूब देखा गया। वही मोदी सरकार पहली सरकार होगी जिसके मंत्री भी वीआईपी कल्चर पर लगातार वार करते चले आये हैं तभी तो वो कभी दफ्तर की सफाई करते हुए नजर आते है तो कभी मंत्री आमजन के साथ सफर करते हुए, जो ये बताता है कि हकीकत में अब भारत बदल चुका है।