80 करोड़ देशवासियों को दीवाली, छठ तक मुफ्त अनाज देने का ऐलान

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कोरोना के बीच पीएम मोदी छठी बार देश की जनता से सीधे रूबरू हुए। पीएम मोदी ने इस बार देश की जनता को संबोधित करते हुए जहां अनलॉक दो में भी एहतियात बरतने के लिए बोला तो देश के गरीबो को  इस बीमारी के बीच बड़ी राहत देने का ऐलान भी किया पीएम मोदी ने आखिर क्या ऐलान किया चलिये जानते हैं।

दीवाली छठ तक गरीबों को मिलता रहेगा मुफ्त राशन

कोरोना काल के चलते फिर से पीएम मोदी एक बार जनता के सामने आये इसबार भी पीएम मोदी ने परिवार के एक मुखिया की तरह देश वासियों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी हर तरह से इस कठिन समय में मदद कर रही है। इसी क्रम में गरीबों और जरूरतमंदों के लिए बड़ा ऐलान भी किया। उन्होने साफ किया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना आने वाले 5 महीने तक जारी रहेगी। यानी की गरीबो को अब दीवाली छठ तक इस योजना से मुफ्त में अनाज मिलता रहेगा। जिससे साफ हो गया है कि नवबंर तक लोगो को इसका लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत सरकार द्वारा इन पांच महीनों के लिए 80 करोड़ से ज्यादा भाइयों-बहनों को 5 किलो गेहूं या 5 किलो चावल मुफ्त दिया जाएगा। साथ ही प्रत्येक परिवार को एक किलो चना भी मुफ्त दिया जाएगा। इतना ही नही पीएम ने ये भी साफ किया कि अगर सरकार आज ये सब कुछ कर पा रही है तो उसका श्रेय किसान और इनकम टैक्स जमा करने वाले लोगो का है। इस दौरान उन्होने इन लोगो को धन्यवाद भी किया और कहा अगर ये अपना काम ईमानदारी से नही कर रहे होते तो सरकार गरीबों के लिए इतना कुछ नही कर पाती।

गांव का प्रधान हो या देश का प्रधानमंत्री, कोई भी नियमों से ऊपर नहीं

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना  महामारी से लड़ते-लड़ते अब हम अनलॉक-2 में प्रवेश कर रहे हैं और हम उस मौसम में भी प्रवेश कर रहे हैं, जहां सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार होते हैं। ऐसे में मेरी आप सभी से प्रार्थना है कि ऐसे समय में अपना ध्यान रखिए। साथियों, ये बात सही है कि अगर कोरोना से मृत्यु दर को देखें तो अनेक देशों की तुलना में भारत संभली हुई स्थिति में है। समय पर लिए गए फैसलों ने लाखों लोगों का जीवन बचाया है लेकिन हम यह भी देख रहे हैं कि देश में अनलॉक-2 हुआ है, व्यक्तिगत और सामाजिक लापरवाही बढ़ती जा रही है। पहले हम मास्क और सामाजिक दूरी, हाथ धोने को लेकर सतर्क थे लेकिन आज जब हमें ज्यादा सतर्कता की जरूरत है तो लापरवाही बढ़ना बहुत ही चिंता का कारण है। इस दौरान उन्होने बताया कि एक देश के प्रधानमंत्री पर 13 हजार रुपये का जुर्माना इसलिए लग गया क्योंकि वह सार्वजनिक स्थल पर मास्क पहने बिना गए थे। भारत में भी स्थानीय प्रशासन को इसी चुस्ती से काम करना चाहिए। ये 130 करोड़ देशवासियों के जीवन की रक्षा करने का अभियान है। भारत में गांव का प्रधान हो या देश का प्रधानमंत्री, कोई भी नियमों से ऊपर नहीं है। इसलिये हमें अभी भी कोरोना महामारी से बचने के लिए पूरा पूरा ध्यान रखना होगा और हर वक्त दो गज की दूरी के साथ साथ गमछा ,मास्क, लेकर ही चलना होगा।

बहरहाल एक बार पीएम मोदी ने आकर ये संदेश जरूर दिया है कि कोरोना को कुछ हद तक हम रोकने में कामयाब जरूर हुए है लेकिन अभी इसे जड़ से खत्म करने के लिए लड़ाई लड़ने के लिए तैयार और एहतियात बरतने की बात कही तो देश के गरीब परिवारों की दीवाली छठ त्योहार पूरे धूमधाम से मने इसके लिये सरकार की संवेदशीलता को भी दिखाया। लेकिन इन सब के बीच पीएम को सुनकर यही लगा जैसे घर का मुखिया अपने घरवालों को आने वाले वक्त से भिड़ने का हौसला दे रहा हो


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