और नया कश्मीर जीत गया

आज से नये कश्मीर के बदलाव का नया सफर शुरू हुआ है। हर चेहरा चहक रहा है। कोई दल जीता या हारा हो, लेकिन कश्मीर की आवाम यही कह रही है कि असल जीत तो लोकतंत्र की हुई है तो गन-तंत्र बुरी तरह से परास्त हुआ है। कश्मीर की जनता साफ बोल रही है हमें बस नया कश्मीर चाहिए जो विकास के पथ पर दौड़े।

कश्मीर में विकास की उम्मीद जागी

वैसे तो धारा 370 खत्म होने के बाद ही कश्मीर में केंद्र की तरफ से विकास की कई परियोजनाओं को लागू किया है लेकिन DDC चुनाव के बाद राज्य में विकास की रफ्तार और तेज होने वाली है। क्योकि अब नीचे तक की समस्या ऊपर तक पहुंचेगी और उसका समाधान नीचे तक निकलेगा जिससे विकास की मुख्य धारा से कश्मीर जुड़ेगा। वैसे जो नतीजे आये है उससे ये भी साफ हो गया है कि कश्मीर में ज्यादातर लोग भारत के राष्ट्रवाद के साथ खड़े है और ये पाकिस्तान के उस अफवाह के लिए करारा जवाब है जो ये विश्व को बताता है कि कश्मीर की आवाम भारत से आजाद होना चाहती है।

धारा 370 हटाने के साथ कश्मीर की जनता

DDC चुनाव के जिस तरह के नतीजे सामने आये है उससे एक बात ये भी साफ हो गई है। कश्मीरियों ने मोदी सरकार के धारा 370 हटाने के फैसले को सही बताया है और वो भी मानते है कि धारा 370 लगे होने के चलते ही कश्मीर का विकास पिछले 70 साल में नही हो पाया है। क्योकि वहां इस एक धारा के चलते ही बड़े बड़े उघोग नही लग सके। तो दूसरा यहां आंतकवाद पनपने का एक कारण ये भी था कि यहां धारा 370 के चलते भारत से वो कटे से लगते थे जिसका फायदा उठाकर पाक कश्मीरियों को भड़काने का काम करती आई है, जिससे इलाके में आतंक पनप सका लेकिन अब ऐसा नही है क्योकि सरकार के धारा 370 हटाने के बाद घाटी का माहौल बिलकुल नया हो गया है।

मतलब साफ है कि नये भारत में आने वाले समय में कश्मीर भी अब दूसरे राज्यो की तरह तेजी के साथ विकास के पथ पर दौड़ेगी। क्योकि कश्मीर की जनता ने समझ लिया है कि विकास से ही उनके दिन बहुरेगे और वो अपने आने वाली पीढ़ी को कुछ अच्छा देकर जायेगे।