इराक में भगवान राम और हनुमान की प्राचीन मूर्तियाँ मिली, राम मंदिर अभियान को मिली गति

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मोदी 2.0 अपने कार्यकाल में तेज गति से हर क्षेत्र में तरक्की के लिए फैसले और योजनाये तैयार कर रही है| एक मुद्दा जो बहुत अहम है वो है भगवान राम के अस्तित्व की स्वीकृति, उनकी जन्म्भूमि पर भव्य राम मंदिर का निर्माण| भाजपा ने अपने सन्देश “अयोध्या राम की और राम अयोध्या के” के साथ इस मुद्दे पर काम करना शुरू भी कर दिया है|

ईराक में मिले भगवान राम की उपस्थिति के 6000 साल पुराने सबूत

हाल ही में इराक के सिलेमानिया इलाके में बैनुला बाईपास के निकट खुदाई में भगवान राम और हनुमान की दुर्लभ प्रतिमाएं मिली है| इस खबर के मीडिया में आते ही उत्तर प्रदेश के संस्कृति विभाग ने भारत में इराक के राजदूत को पत्र लिखा| पत्र के जवाब में इराक सरकार ने इस बात की पुष्टि की और साथ ही ये भी बताया कि ये मूर्तियाँ लगभग 6000 साल पुरानी है|

भगवान राम के अस्तित्व को और भी पुख्ता करती इन प्रतिमाओं के विस्तृत अध्ययन के लिए अयोध्या संस्थान ने इराक सरकार से ज़रुरत जताई| जिसके जवाब में इराक की सरकार ने प्रदेश के संस्कृति विभाग और अयोध्या शोध संस्थान को पत्र लिखकर आमंत्रित भी किया है| इसी क्रम में राम और लक्ष्मण को अहिरावण द्वारा पाताल लोक ले जाने के प्रसंग के साक्ष्य तलाशने के लिए मध्य अमेरिका के होण्डुरास और आसपास के इलाके में भी अध्ययन करवाया जाएगा|

अयोध्या से इतनी दूर इन प्रतिमाओं का मिलना भगवान राम के अस्तित्व की चर्चा को और भी मजबूत बनाता है| साथ ही ये उन लोगों के मुँह पर एक ज़ोरदार तमाचा भी है जिनको भगवान राम के अस्तित्व पर शक था|

अयोध्या में राम मंदिर बनने की दिशा में सराहनीय प्रगति

अदालत से बाहर सुलह समझौते से अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भगवान राम का भव्य मंदिर बनवाने की दिशा में भाजपा धीरे-धीरे कदम बढ़ा रही हैं| भगवान राम की एक विशाल प्रतिमा के निर्माण के लिए भी अयोध्या में करीब 8 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जाएगी| पेडस्टल के निचे एक पूरा शहर बसेगा| इसके अलावा इसी प्रतिमा के निकट 5 एकड़ में रामकथा संग्रहालय बनाया जायेगा| अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक वाई.पी. सिंह के अनुसार, अन्य राज्यों और विदेशों में जहाँ-जहाँ भी रामकथा से जुडी दुर्लभ और अद्भुत कलाकृतियाँ मिलेंगी उन्हें लाकर यहाँ संग्रहालय में सजाया जायेगा|

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने भगवान राम के विशाल प्रतिमा की स्थापना के लिए काम तेज करने के निर्देश दिए है| भगवान की यह प्रतिमा गुजरात में बनी सरदार पटेल की विशाल प्रतिमा से भी ऊंची बनाए जाने का प्रस्ताव है| मगर यह प्रतिमा कितनी ऊंची होगी यह अभी तय नहीं हो सका है|

अयोध्या में भव्य दीपोत्सव का आयोजन

पिछले दो साल से अयोध्या में भव्य दीपोत्सव का आयोजन हो रहा है| इस बार भी दीपावली के शुभ अवसर पर दीपोत्सव का आयोजन किया जायेगा, जिसके लिए बीते 7 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या भ्रमण के दौरान पर्यटन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दे दिए है| सूत्रों के अनुसार इस बार रामायण की संस्कृति से जुड़े देशों के राष्ट्राध्यक्षों को इसमें आमंत्रित किया जायेगा | विदेश मंत्रालय से इस बारे में जरूरी अनुमति ली जा रही है|

अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि है, उनके अस्तित्व को कायम रखना हमारी संस्कृति की प्राथमिकता है| इसीलिए हमें सरकार के इस मुद्दे से जुड़े हर फैसले में उनका साथ देना होगा|


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