एक अधिकारी जिसने अविस्मरणीय तरीकों से आईएएस को गौरवान्वित किया

कोरोना की दूसरी लहर से अब हम उबरने लगे हैं हर दिन जहां एक तरफ कोरोना से पीडितों की संख्या घट रही है तो दूसरी तरफ वैक्सीनेशन में हम नये रिकार्ड बना रहे हैं, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने अपनो के बिछड़ने का जो गम हमे दिया है वो शायद हम कभी भी ना भूल पायें। ऐसा नहीं कि इस महामारी में सिर्फ आम जनता का नुकसान हुआ है बल्कि कुछ ऐसे अधिकारी भी इसके शिकार हुए हैं जिनकी भरपाई करना बहुत कठिन है उसी में एक नाम DPIIT सेक्रेटरी गुरुप्रसाद महापात्र का है जिनका जाना देश के लिए बहुत बड़ा नुकसान है।

 

अंतिम वक्त तक करते रहे देश सेवा

जी हां इसमें कोई दो राय नही है जिस तरह से महापात्र ने पहले गुजरात में और फिर केंद्र में रहकर देश की सेवा की उसे कोई नहीं भूल सकता है। कोविड की दूसरी लहर में उनपर देश में ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई थी जिसे उन्होंने पूरी तरह से निभाया खुद कोरोना पीडित होने के बाद भी वो अस्पताल से ऑक्सीजन की पूर्ती की जानकारी लेते रहे। जो ये बताता है कि वो अपने काम के साथ कितने ईमानदार थे वैसे तो वो ओडिशा के रहने वाले थे लेकिन गुजरात में पीएम मोदी के साथ और फिर केंद्र में उनके साथ काम करने का उन्हे काफी अनुभव था। जो उनके काम में झलकता था। उनकी बदौलत ही समूचा देश ऑक्सीजन की किल्लत से आज बाहर निकल पाया है। बता दें कि गुरुप्रसाद महापात्रा एयरपोर्ट अथॉरिटी के अध्यक्ष भी रहे थे। उन्होंने एयरपोर्ट अथॉरिटी को आगे बढ़ने के लिए एक नई दिशा दी थी। 1 अगस्त 2019 को वह उद्योगों के प्रमोशन और इंटरनल ट्रेड विभाग के सेक्रेटरी नियुक्त किए गए थे।

पीएम मोदी ने भी जताया दुख

महापात्र की मौत के बाद खुद पीएम मोदी ने दुख जताते हुए लिखा था कि आज देश ने एक ईमानदार अफसर जो देशहित के लिये हमेशा से ही आगे रहने वाला व्यक्ति खो दिया है। महापात्रा के जाने से जो एक खाली स्थान पैदा हुआ है उसकी भरपाई बहुत कठिन है। पीएम ने इस दौरान उनके साथ किये काम का जिक्र भी किया और लिखा कि गुजरात से ही वो उनके साथ काम कर रहे थे ऐसे में काफी लंबे समय तक एक साथ कामो को लेकर विचारों का अदान प्रदान देखने को मिला जिससे यही लगता था कि देश को आगे ले जाने की उनकी चाह दूसरे अधिकारियों से बिलकुल अलग थी। उन्होंने डॉ. गुरुप्रसाद महापात्रा के परिवार वालों को और उनके दोस्तों को सहानुभूति दी है। गौरतलब है  कि गुरुप्रसाद महापात्रा 1986 बैच के गुजरात कैडर के आईएएस ऑफिसर रहे हैं। वह लोकप्रिय साहित्यकार स्वर्गीय महापात्रा नीलमणी साहू के सबसे छोटे बेटे थे। गुरुप्रसाद महापात्रा ने वाणिज्य मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रेटरी की भूमिका भी निभाई थी, जिसमें उन्होंने स्पेशल इकनॉमिक जोन के प्रमोशन के लिए काफी कार्य किया।

वैसे वो एक अधिकारी नही थे जिसे कोरोना ने हमसे छीना ऐसे कई अधिकारी  कोरोना से मुकाबला करते हुए आज हमारे बीच में नहीं हैं और आज हम ऐसे सभी अधिकारियो को नमन करते हैं।