अमित शाह ने पार्टी की राष्ट्रव्यापी गांधी यात्रा को हरी झंडी दिखाई

Amit Shah flags off Gandhi_Sankalp_Yatra

अमित शाह ने आज सुबह नई दिल्ली के शालीमार बाग से महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती मनाने के लिए पार्टी की राष्ट्रव्यापी गांधी संकल्प यात्रा को रवाना किया। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती को यादगार बनाने के लिए, साथ ही उनके सिद्धांतों और उनकी सीख को एक बार फिर से लोगों के अन्दर जागृत करना इस संकल्प यात्रा का प्रमुख ध्येय है।

बीजेपी ने अपने सभी सांसदों को निर्देश दिए कि इस बार गांधी जयंती (2 अक्टूबर) से लेकर सरदार पटेल की जयंती (31 अक्टूबर) तक वो अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में 150 किलोमीटर की पदयात्रा की शुरुआत करे। सांसदों से बापू को अपनी श्रधांजलि समर्पित करते हुए पुरे मन से इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने और इसे सफल बनाने के लिए कहा गया है। ऐसी भी खबर आ रही है की गांधी संकल्प यात्रा की अवधी को तीन महीने के लिए बढ़ा दिया है और अब यह अक्टूबर के बजाय 31 जनवरी, 2020 को समाप्त होगी।

बता दे की इस पदयात्रा के लिए हर दिन संसदीय क्षेत्र में 15 से 20 समूह बनाये जायेंगे जो रोज लगभग प्रत्येक बूथ को कवर करते हुए 15 किलोमीटर की पदयात्रा करेंगे। इतना ही नहीं इन सभी बूथों पर वृक्षारोपण करने के साथ ही आज़ादी की लड़ाई में राष्ट्रपिता के योगदान की जानकारी भी दी जाएगी।

इस अवसर पर बोलते हुए, श्री शाह ने कहा, गांधी जी ने दुनिया को सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया और उनके सत्याग्रह आंदोलन ने अंग्रेजों को उनके घुटनों पर ला दिया। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे आज से एकल-उपयोग प्लास्टिक का उपयोग न करने का संकल्प लें क्योंकि यह पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा, देश भर के पार्टी कार्यकर्ता गांधीजी के मूल्यों को जन-जन तक फैलाने के लिए आज से 31 अक्टूबर तक 150 किलोमीटर की यात्रा करेंगे। वे स्वदेश, स्वधर्म और स्वदेशी के मूल्यों को हर गांव और हर घर तक फैलाने का काम करेंगे।

उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री मोदी देश को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति दिलाने का संकल्प लेकर निकले हैं। इसे भी जन आंदोलन बनाने की जिम्मेदारी देश की जनता और भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं की है। प्लास्टिक हमारे वातारवण और स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। मैं सभी लोगों को आग्रह करता हूं कि गांधी जयंती के दिन प्लास्टिक के थैले का उपयोग न करने का प्रण लें।

जिस प्रकार बापू मेहनत, सफाई, और देशभक्ति की प्रेरणा देते थे, उसी प्रकार इस पदयात्रा का आयोजन करके देश की युवा पीढ़ी को इन बातों का असली मूल्य समझाना तथा देश के प्रति उनके अन्दर भक्ति की भावना उत्पन्न करना ही इस पदयात्रा का मुख्या उद्देश है।