भारत के रूस से तेल खरीदने पर बदला अमेरिका का सुर, चेतावनी देने की बात से किया इनकार

देश में बहुत हल्ला मचा था कि भारत आकर अमेरिका के डिप्टी NSA दिलीप सिंह ने भारत को रूस से तेल लेने पर चेतावनी दी है। लेकिन तब भी भारत ने अपना रूख साफ करते हुए बोला था कि वो इस मामले पर किसी का दबाव नहीं सहेगा। और आज इसका सबूत भी मिल गया कि खुद अमेरिका ने इस बाबत जवाब देते हुए बोला है कि उसने भारत को किसी भी तरह की चेतावनी नही दी थी। बल्कि भारत के साथ अमेरिकी डिप्टी NSA की बैठक काफी ‘रचनात्मक रही थी।

 

तेल खरीदने पर भारत ले निर्णय

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा कि मैं इसे चेतावनी के रूप में नहीं देखती और न ही हमने उस समय ऐसा कुछ कहा था. साकी ने कहा कि दलीप सिंह ने भारत जाकर रचनात्मक बातचीत की और स्पष्ट किया कि यह भारत समेत प्रत्येक देश का निर्णय है कि वे रूसी तेल आयात करने जा रहे हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडेन का मानना है कि भारत के साथ हमारी साझेदारी दुनिया में हमारे सबसे महत्वपूर्ण संबंधों में से एक है। उन्होंने दोहराया कि प्रतिबंध तेल खरीद पर लागू नहीं होते हैं।

विदेश नीति की एक बार फिर दुश्मन मुल्क ने की तारीफ

उधर दूसरी तरफ भारत के सबसे बड़े दुश्मन पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने सत्ता जाने से पहले एक बार फिर से भारत की तारीफ के कसीदे पढ़े है उन्होने साफ किया है कि भारत की तारीफ करते हुए कहा कि हिंदुस्तान एक खुद्दार मुल्क है।इमरान ने कहा कि किसी सुपरपावर की हिम्मत नहीं है कि भारत के खिलाफ साजिश करे। उन्होंने कहा कि हमारी विदेश नीति आजाद होनी चाहिए। उन्होंने फिर कहा कि हमारी विदेश नीति भारत जैसी होनी चाहिए। इमरान खान बोले हिंदुस्तान के खिलाफ किसी भी दूसरे देश की की हिम्मत नहीं कि वो उसके खिलाफ कुछ भी कह सके। भारत को कोई आंख नहीं दिखा सकता है।

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इमरान के इस बात पर आज अमेरिका ने मोहर भी लगा दी कि भारत से अब कोई देश दुश्मनी लेने के मूड में नहीं है। और आज ये स्थिति बनी है तो वो पीएम मोदी की विशेष विदेश नीति की वजह से है। जिसपर देश में कई सवाल खड़े किये जाते है लेकिन विस्व उसी नीति की तारीफ भी कर रहा है। और भारत को साथ लेकर चलते की कोशिश भी कर रहा है।