जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद अमेरिका का पहला बयान

370_Scrapped

नरेंद्र मोदी सरकार ने सोमवार को अनुच्छेद 370 को रद्द कर दिया, जिसने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा दिया था । राज्य सभा ने जम्मू और कश्मीर के लिए धारा 370 को रद्द करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित करने के लिए एक विधेयक पारित किया। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राज्य में गरीबी और विकास की कमी के लिए विवादास्पद प्रावधान जिम्मेदार थे।

जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने पर घाटी का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। इस बीच अमेरिका की ओर से अपील की गई है सभी पक्ष लाइन ऑफ कंट्रोल पर शांति और स्थिरता बनाए रखें। अमेरिका की ओर से कहा गया है कि वह पूरी स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए है।

America's first statement after removing 370

पाकिस्तान का नाम लिए बगैर अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोर्गन ओर्टागस ने कहा कि हम सभी पक्षकारों से एलओसी पर शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपील करते हैं। ओर्टागस ने आगे कहा कि हम जम्मू कश्मीर के हालात पर नजर बनाए हुए हैं। हमने भारत के फैसले का संज्ञान लिया है, जिसमे संविधान द्वारा जम्मू कश्मीर को दिए गए विशेष अधिकार को खत्म कर दिया गया है और जम्मू कश्मीर को दो यूनियन टेरिटरीज में बांट दिया गया है।

वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सोमवार को कहा था कि पाकिस्तान भारत के कश्मीर पर की गई घोषणा को खारिज करता है और वह अपने रुख से अमेरिका और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को अवगत कराएगा। उन्होंने ट्वीट कर कहा था, “पाकिस्तान, भारत अधिकृत जम्मू एवं कश्मीर के बारे में की गई घोषणा की निंदा करता है और उसे खारिज करता है।”

बता दें कि इससे पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के अमेरिकी दौरे के दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से भारत-पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थ की भूमिका निभाने की गुजारिश की थी और ट्रंप ने इसके बाद कहा था कि पीएम मोदी ने भी उनसे ऐसी मंशा जाहिर की है। लेकिन न सिर्फ भारत ने ट्रंप की मध्यस्थता की पेशकश ठुकरा दी थी बल्कि पीएम मोदी के लिए किए उनके दावे को भी झूठा बताया था।