मोदी को जीत का अमरीकी तोहफा – भारत मुद्रा निगरानी सूची से बाहर

US removes India from its currency monitoring list

अमरीकी वित्त मंत्रालय ने भारत को अपने मुद्रा निगरानी सूची से बाहर कर दिया है| भारत को मई 2018 में पहली बार अमेरिका ने अपने मुद्रा निगरानी सूची में शामिल किया था| भारत के अलावा चीन, जर्मनी, साउथ कोरिया, जापान, इटली, आयरलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, वियतनाम और स्विट्ज़रलैंड को भी इस सूची में शामिल किया गया था|

अंतरराष्ट्रीय आर्थिक और विनिमय दर नीतियों पर तैयार रिपोर्ट को यूएस कांग्रेस के सामने पेश करते हुए अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को भारत और स्विट्जरलैंड को इस निगरानी सूची से हटा दिया| जबकि चीन की मुद्रा रॅन्मिन्बी अभी भी निगरानी सूची में शामिल है|

उल्लेखनीय है की अमेरिका का वित्त मंत्रालय अपने मुद्रा निगरानी सूची में वैसे देशों को शामिल करता है जो अमेरिका के बड़े व्यापारिक सहयोगी होते हैं परन्तु जिनकी विदेशी विनिमय दर पर उसे शक होता है|

रिपोर्ट के मुताबिक भारत सरकार के आर्थिक सुधारों और मौद्रिक निति से भारतीय मुद्रा में सुधार हुआ है, और इस से अमेरिका की आशंका दूर हुई है| इसमें कहा गया है कि भारत के पास आईएमएफ मेट्रिक के हिसाब से पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार है। वर्ष 2018 के पहले छह महीने में रिजर्व बैंक द्वारा की गई शुद्ध बिक्री से जून 2018 तक की चार तिमाहियों में विदेशी मुद्रा की शुद्ध खरीद कम होकर 4 अरब डॉलर यानी सकल घरेलू उत्पाद के महज 0.2 प्रतिशत पर आ गई।

आर्थिक मामलों के अनुभवी इसे भारत की एक बड़ी जीत बता रहे हैं| कहा जा रहा है कि इस से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत के बढ़ते हुए आर्थिक प्रभुत्व का पता चलता है|