अमेरिका की भारत को थाड और पीएसी-3 मिसाइल डिफेंस सिस्टम बेचने की पेशकश

Thaad

२०१४ में नरेन्द्र मोदी की सरकार बनने के बाद से सुरक्षा और सामरिक दृष्टिकोण से भारत ने बहुत प्रगति की है| देश की सेना को अत्याधुनिक हथियारों से लैस करने की बात हो, या सुरक्षाबलों को बुलेट प्रूफ जैकेट उपलब्ध कराने की बात हो, बहुचर्चित राफेल की बात हो, या नौसेना को अत्याधुनिक पन्दुब्बियाँ मुहैया करवाना, मोदी सरकार ने कहीं कमी नहीं होने दी|

आज दुनिया भी ये मान रही की है सामरिक दृष्टिकोण से भारत वो देश नहीं रहा जो आज से 5 साल पहले था| देश की सुरक्षा में सरकार की प्रतिबद्धता को देखते हुए अब सभी जानते हैं, की तकनीक और जरुरत में भारत किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगा|

S-400-Thaad_Defence_System

इसी सिलसिले में सूत्रों के मुताबिक अमेरिका ने भारत को टर्मिनल हाई एल्टिट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD – थाड) और पैट्रियन अडवांस्ड कैपेबिलिटी (पीएसी-3) मिसाइल डिफेंस सिस्टम बेचने की पेशकश की है| भारत में एक समेकित मिसाइलडिफेंस सिस्टम की जरुरत लम्बे अरसे से थी और रूस के एस-४०० के साथ-साथ थाड और पीएसी-3 को भी एक विकल्प के रूप में रखा गया था|

हालाँकि इस पेशकश की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है| अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम सार्वजनिक रूप से प्रस्तावित रक्षा बिक्री की पुष्टि नहीं करते हैं। हम तब तक इसकी पुष्टि नहीं करेंगे जब तक कि इसके बारे में औपचारिक रूप से अमेरिकी कांग्रेस को सूचित नहीं किया जाता है।“

उल्लेखनीय है की कई सालों तक चले बात-चीत के सिलसिले के बाद भारत रूस के साथ पाँच एस-४०० खरीदने के लिए करार कर चूका है| एस-४०० वर्तमान में दुनिया का सबसे बेहतरीन मिसाइल डिफेंस सिस्टम है| कहा जाता है कि ये अमेरिकन F-३५ जैसे स्टील्थ फाइटर जेट को भी मार गिराने में सक्षम है| यही कारण है की चीन जैसे देश भी इसी मिसाइल डिफेंस सिस्टम का उपयोग अपनी सुरक्षा के लिए कर रहे हैं|

करार के मुताबिक अक्टूबर २०२० से रूस एस-४०० की डिलीवरी शुरू कर देगा जो अप्रैल २०२३ तक पूरा होगा|