अमेरिका ने भी माना पाक में हिन्दुओं का होता है उत्पीडन

पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ होने वाले अत्याचार, धार्मिक उत्पीड़न की खबरें समय-समय पर सामने आती रहती हैं। पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर पड़ोसी मुल्क की पूरे दुनिया में फजीहत हो रही है। अब अमेरिका ने खुलेआम पाकिस्तान को दुनियाभर के सामने लताड़ लगाई है। हिंदू लड़कियों को अगवा करके धर्मांतरण के बाद मुस्लिम शख्स से निकाह कराने के कई मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं की भारत लगातार निंदा करता है। अब इसपर अमेरिका ने भी मुहर लगा दी है। अमेरिका ने ऐसे देशों के नाम बताए हैं जहां धार्मिक आधार पर लोगों का उत्पीड़न होता है।

अमेरिकी सचिव माइक पॉम्पियो ने 27-राष्ट्रों के अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता गठबंधन के लॉन्च के दौरान कहा कि, ‘दुनिया के आठ में से 10 लोग जहां रहते हैं वहां वे अपने धर्म का खुलकर पालन नहीं कर सकते हैं। हम धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने वाले आतंकवादियों और हिंसक चरमपंथियों की निंदा करते हैं; फिर चाहे पाकिस्तान के हिंदू, इराक के यजीदी, नॉर्थईस्ट नाइजीरिया के ईसाई और बर्मा के मुस्लिम हों।’

पॉम्पियो ने ट्वीट करके कहा, ‘साथ मिलकर संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगियों ने सिद्धांतों की घोषणा में धार्मिक स्वतंत्रता को आगे बढ़ाने के लिए हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत किया है। हमने सभी जगह धार्मिक स्वतंत्रता का होने वाला उल्लंघन, आपत्ति और विरोध करने की कसम खाई है।’

गौरतलब है की पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों का जबरन धर्मांतरण करके मुस्लिम व्यक्ति से निकाह करवा दिया जाता है। वहां हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ की जाती है। ईसाइयों पर भी ईशनिंदा कानून के जरिए अत्याचार होता है। पिछले साल ही ईशनिंदा के कारण सालों जेल में बिताने के बाद ईसाई महिला आसिया बीबी को पाकिस्तान की उच्चतम न्यायालय ने रिहा कर दिया था। जिसके बाद वह कनाडा में रहने को मजबूर हैं।

हाल ही में 27 जनवरी को पाकिस्तान के सिंध में एक हिंदू महिला को जबरन शादी के मंडप से अगवा कर लिया गया, फिर उसका धर्म परिवर्तन कर जबरन एक मुस्लिम शख्स के साथ निकाह कराने का मामला सामने आया था। इसमें सबसे बड़ी बात यह थी कि पुलिस ने इन सभी मामलों में मुस्लिम शख्स का साथ दिया। अधिकारियों ने भी अपहरणकर्ताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

बता दें कि हिंदू स्थलों को तोड़े जाने और हिंदू लड़कियों के धर्म परिवर्तन की खबरें पाकिस्तान से लगातार आती है। ऐसे में अमेरिका ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि उसे हिंदुओं पर अत्याचार रोकना ही होगा। ऐसा नहीं करने पर उसके खिलाफ कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। अब पाकिस्तान को अमेरिका की धमकी के बाद देखना दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान क्या कदम उठाता है।

दरअसल पडोसी मुल्कों में अल्पसंख्यकों और खास तौर पर हिन्दुओं के साथ हो रहा अत्याचार के वज़ह से ही सरकार द्वारा नागरिकता कानून लाया गया है। CAA कानून पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में उत्पीड़न के शिकार अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने के लिए है। इसका हिंदुस्तान के मुसलमानों से कोई लेना-देना नहीं हैं। आपको बता दें कि मोदी सरकार ने 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में उत्पीड़न का शिकार हुए अल्पसंख्यकों यानी हिंदू, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी समुदाय के वहां से भारत आए लोगों को नागरिकता देने के लिए नागरिकता संशोधन अधिनियम बनाया है।