स्टार्टअप इंडिया का कमाल, रंग लाने लगी है मोदी सरकार की ये योजना

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PM Modi

तकनीक ने सोचने के तरीके को बदल दिया है जिस तरह से युवा भारत आज सोचता है। और, बदलती विचार प्रक्रिया ने नई जीवन शैली और यहां तक कि कैरियर के नए रुझान को भी जन्म दिया है और इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए भारत में स्टार्टअप संस्कृति ने जोर पकड़ा है जो देश को बदलने और आधुनिक युग में धकेलने के लिए पूरी तरह तैयार है। गौरतलब है कि भारत के युवाओं की इस नई संस्कृति का सरकार द्वारा समर्थन किया जा रहा है। यह MUDRA बैंक योजना की तहत नियमों और प्रोत्साहनों के माध्यम से किया जा रहा है, एक ऐसी पहल जिसका उद्देश्य कम सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के उद्यमियों को, युवाओं को सूक्ष्म-वित्त और कम-ब्याज दर पर ऋण प्रदान करना है। इसी तरह, कई राज्य सरकार ने भी स्टार्टअप संस्कृति का समर्थन करने के लिए कुछ कार्यक्रम शुरू किए हैं। 15 अगस्त, 2015 को स्टार्टअप इंडिया पहल की शुरुआत करने वाले प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत का चेहरा बदलने के लिए स्टार्टअप की क्षमताओं में विश्वास व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इकोसिस्टम भारत को $ 5-ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के रूप में उभरने में मदद करेगा, जो उनकी सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य है ।

 Amazing of Startup India Scheme

स्टार्टअप इंडिया के तहत न सिर्फ युवा उद्यमी तैयार करना था बल्कि युवाओं को रोजगार के मौके बढ़ाने वाला भी बनाना था। सरकार ने शुरआत से ही इसके लिए 10 हजार करोड़ का कोष स्थापित किया है। इसके तहत युवा उद्यमी को तीन साल तक टैक्स में छूट जाती है और पहले 3 साल के दौरान कोई जांच भी नहीं होती है।

एक स्टार्टअप यात्रा में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा विचार का होता है, जो प्रारंभिक बीज का काम करता है। अगर यह विचार अंकुरित होता है, तो अर्थव्यवस्था के विशाल पथ को बदलने या कम से कम खंड को लक्षित करने की इसमें विस्फोटक क्षमता होती है। हालाँकि, बहुत से विचार या तो स्वयं के दिमाग में प्रतिबंधित रह जाते हैं या समर्थन या मार्गदर्शन की कमी के कारण, इनका असामयिक मृत्यु हो जाती है। यह सुनिश्चित करने के लिए ऐसा नहीं हो, सरकार द्वारा और बहुत कुछ किया जाना आवश्यक है। जबकि सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, अपितु निजी क्षेत्र को भी इसमें अपने हाथों को बढ़ाने और एक उपयुक्त समर्थन बुनियादी ढांचे के साथ आने की आवश्यकता है जो स्टार्टअप को बढ़ावा दे सके ।

मोदी सरकार के पहले और अब दूसरे कार्यकाल में अगर किसी चीज़ की सबसे ज्यादा आलोचना हुई है तो वह है बेरोजगारी की। सरकार ने युवाओं के कल्याण और प्रोत्साहन के लिए कई सारी योजनाओं का ऐलान किया। जिसमें युवाओं की भागीदारी के लिए मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी कई कल्याणकारी योजनाएं शामिल है। सरकार का दावा है कि नौकरी ढ़ूढ़ने के बजाए युवा अब नौकरी देने वाले बन रहे है। किसी की कंपनी में नौकरी करने के बजाए युवा अब कंपनी बनाना पंसद कर रहे हैं। नौकरी करने वाले के बजाए अब युवा नौकरी देने वाले बन रहे है। 2015 से अब तक करीब 23 हजार युवा अपनी कंपनी के मालिक बन चुके हैं।

उद्योग मंत्रालय के पिछले आंकड़ों पर जाएं तो बीते वर्ष 20 हजार से कम स्टार्टअप थे। लेकिन मंत्रालय के ही ताजा आंकड़े एक उम्मीद भरी खबर लेकर आए हैं। युवा नए-नए आइडिया के साथ कंपनी शुरु कर रहे हैं। इतना ही नहीं अब तक करीब ढाई लाख से ज्यादा लोगों को नौकरी भी दे चुके हैं। जी हां, पीएम नरेन्द्र मोदी की अपील के बाद स्टार्टअप इंडिया अभियान की ये ही तस्वीर सामने आई है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के ताजा आंकडों के अनुसार इस समय देश में 23 हजार मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं। एक स्टार्टअप में औसतन 12 लोगों को रोजगार मिलने से करीब पौन तीन लाख युवाओं को रोजगार भी मिला है।

भारतीय स्टार्टअप में अब विदेशी निवेश भी आ रहे है और सरकार भी इसके लिए प्रयासरत है की जायदा बड़ी संख्या में निवेश हो सके ।

प्राप्त जानकरी के अनुसार :

• सबसे ज्यादा 3,761 स्टार्टअप महाराष्ट्र में हैं, इनमें 49,482 लोगों को जॉब मिली हुई है
• कर्नाटक में 2,919 स्टार्टअप हैं, जिनमें 38,828 लोग काम कर रहे हैं
• दिल्ली में 2,616 स्टार्टअप हैं और इनमें 36,403 लोग कार्यरत हैं
• उत्तर प्रदेश में 1,607 स्टार्टअप हैंं, जिनमें 22,815 लोगों को जॉब मिली हुई है
• हरियाणा जहां पर 1,086 स्टार्टअप हैं और इनमें 17,182 लोग जॉब कर रहे हैं
• तेलंगाना में 1,103 स्टार्टअप कार्यरत हैं, जिनमें 19,181 युवा काम कर रहे हैं

 


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