पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली को सहयोगी नेताओं ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

Former Finance Minister Arun Jaitley Dies

भाजपा के प्रसिद्ध नेता और मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वित्त मंत्री रह चुके अरुण जेटली का आज सुबह 12 बजकर 7 मिनट पर दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया | पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की मृत्यु न सिर्फ भाजपा पार्टी के लिए बल्कि पुरे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है | भाजपा के सभी नेता साथ ही विपक्षी दल के कई नेताओं ने जेटली के निधन पर अपना शोक व्यक्त किया है और उनको अपनी श्रद्धांजलि दी है |

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेटली के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जाना देश और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। योगी ने ट्वीट किया, ”देश के प्रख्यात विधिवेत्ता एवं पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली जी के निधन की खबर से स्तब्ध हूं।”

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, ‘‘पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली के असामयिक निधन के समाचार से दुखी हूं।’’ गहलोत ने जेटली के परिजनों के प्रति सांत्वना जताई। इस बीच, पायलट ने जेटली के निधन को देश के लिए बड़ी क्षति बताया है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘यह सुनकर गहरा दुख हुआ कि जेटली नहीं रहें।’’ पायलट ने कहा कि जेटली के योगदान को देखते हुए उनका जाना देश के लिए बड़ी क्षति है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली के निधन पर अपनी गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा है कि अरूण जेटली जी विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने भारत सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निवर्हन किया। वे एक उत्कृष्ट न्यायविद भी थे।

सीएम ने कहा कि उन्होंने उच्च राजनीतिक मूल्यों एवं आदर्शों की बदौलत सार्वजनिक जीवन में उच्च शिखर को प्राप्त किया। उन्होंने अपने व्यक्तित्व की बदौलत राजनीतिक सीमाओं के परे सभी विचारधारा के राजनीतिक दलों का आदर एवं सम्मान प्राप्त किया। अरूण जेटली जी का निधन देश के लिये एक अपूरणीय क्षति है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकता, उनकी कमी हमेशा खलेगी।

पीएम मोदी , जो अभी अपने विदेश दौरों पर, आज UAE में हैं , ये खबर सुनकर अपने सहयोगी अरूण जेटली जी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया और अपनी संवेदना व्यक्त की

बता दे की बीते 9 अगस्त को जेटली को साँस लेने की दिक्कत और बेचैनी की शिकायत के बाद से ही एम्स अस्पताल में भर्ती करवाया गया था | इसके बाद से जेटली के स्वस्थ को लेकर अस्पताल ने किसी भी तरह की जानकारी नहीं दी थी |

जेटली लम्बे समय से बीमार चल रहे थे यहीं वजह थी जिसके वजह से जेटली ने 2019 के लोकसभा चुनाव में हिस्सा नहीं लिया था | उसके पहले भी ख़राब स्वस्थ के वजह से साल 2019 के शुरुवात में शरद सत्र का बज़ट पेश करने में भी जेटली असमर्थ थे जिसके बाद रेल मंत्री पियूष गोयल ने जेटली के जगह पर देश का बज़ट पेश किया था |

बता दे की जेटली को सॉफ्ट टिश्यू सार्कोमा की बीमारी थी जो की एक प्रकार का कैंसर होता है जिसके इलाज के लिए वे अमेरिका भी गए थे | यहीं नहीं जेटली मधुमेह की बीमारी से भी ग्रसित थे | बीते वर्ष 2018 में उन्होंने किडनी प्रत्यर्पण भी करवाया था |

जाने कौन थे पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ?

13 अक्टूबर 1952 को जन्मे पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का राजनीती में बहुत बड़ा योगदान रह चूका है | वर्ष 1974 में जेटली दिल्ली छात्र संघ के अध्यक्ष भी रह चुके है | 47 साल की उम्र में जेटली पहली बार राज्यसभा संसद चुने गए थे | जेटली कभी लोकसभा के संसद नहीं रहे | इतना ही नहीं साल 2010 में पूर्व वित्त मंत्री जेटली को सर्वाश्रेस्ठ संसद के सम्मान से भी नवाजा गया है |

सूत्रों के मुताबिक साल 1980 में भाजपा पार्टी के स्थापना के समय से ही जेटली पार्टी के सदस्य रहे है | इतना ही नहीं 1999 में जेटली भाजपा के प्रवक्ता भी बनाये गये | उसके बाद साल 2002 में उन्हें भाजपा का मुख्यसचिव भी चुना गया |

लेकिन आज जेटली के निधन के बाद देश ने एक बहुत ही समझदार और सभ्य व्यक्तित्व के नेता को खो दिया जिनका राष्ट्र निर्माण में काफी योग दान रहा है | आज भले ही अरुण जेटली हमारे साथ नहीं है पर फिर भी जनता, देश के प्रति उनके योगदान को कभी भूल नहीं सकती |