पीएम मोदी ने पर्यटन क्षेत्र को दिया नया मुकाम, चारधाम यात्रा में टूटे सारे रिकॉर्ड

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All the records broken in Chardham Yatra

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पर्यटन उद्योग निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। मोदी सरकार ने पर्यटन क्षेत्र का कायाकल्प कर दिया है। इस क्षेत्र में देश ने जिस गति से तरक्की की है उससे लगता है कि आने वाले समय में दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर भारत भी अव्वल देशों में शामिल होगा।

चारधाम यात्रा हमेशा देश-विदेश के श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही है। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के अनुसार, अब तक 34,10,380 श्रद्धालु इन चार धाम और प्रसिद्ध सिख तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब के दर्शन कर चुके हैं। चमोली जिले में स्थित हेमकुंड साहिब को प्रदेश का पांचवां धाम कहा जाता है। श्रद्धालुओं की यह संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले 22.6 प्रतिशत ज्यादा है।

गौरतलब है कि गढ़वाल हिमालय के चार धाम में से तीन धाम- गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जा चुके हैं और बद्रीनाथ धाम के कपाट 17 नवंबर को बंद होने वाले हैं।

इस वर्ष चारधाम यात्रा का आरम्भ सात मई को अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री एवं यमुनोत्री मंदिर के कपाट खुलने के साथ हुआ था। मई एवं जून में हिमालयी क्षेत्रों में खुशगवार मौसम के चलते भारी संख्या में श्रद्धालु इन धामों के दर्शन के लिए पहुंचे जबकि जुलाई में बरसात के चलते यात्रियों की संख्या में कुछ कमी आई। जबकि, सितंबर से यात्रा ने फिर तेजी पकड़ी।

हाल के समय में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा समय-समय पर बाबा केदारनाथ के दर्शन करने के कारण लोगों में चारधाम यात्रा के प्रति दिलचस्पी बढ़ी है। प्रधानमंत्री मोदी इस साल भी लोकसभा चुनावों के बाद केदारनाथ आए थे और उन्होंने रूद्र गुफा में ध्यान साधना की थी। प्रधानमंत्री के ध्यान-साधना के बाद यह गुफा विशेष आकर्षण का केन्द्र बन गई है। इस साल रिकार्ड संख्या में 10 लाख श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचे हैं। केदारनाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने हेलीकाप्टर का सहारा लिया। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के अनुसार, अब तक 34,10,380 श्रद्धालुओं में से केदारनाथ धाम मंदिर में 10 लाख और बदरीनाथ मंदिर में 11.74 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। यमुनोत्री धाम में 4.66 श्रद्धालु जबकि गंगोत्री धाम में 5.30 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके है। हेमकुंड साहिब में इस वर्ष 2.40 लाख श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे।

स्टेच्यू ऑफ यूनिटी ने कमाई के मामले में ताजमहल को छोड़ा पीछे

भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित स्मारक ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बन गई है। सरदार पटेल की जयंती 31 अक्टूबर को ही स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के आम जनता के दर्शनार्थ खुलने की पहली वर्षगांठ पूरी हुई। इस अवधि में टिकट की व्यवस्था संभालने वाले सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय एकता ट्रस्ट को रिकॉर्ड 63.39 करोड़ रुपए की कमाई हुई। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देश के श्रेष्ठ 5 स्मारकों में से सबसे ज्यादा कमाई करने वाला स्मारक बन गया है। इस दौरान ताजमहल (Tajmahal) ने एक साल में 56 करोड़ की कमाई की है। आज स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की दुनिया और देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिनती हो रही है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी 182 मीटर लंबी प्रतिमा है।

एक नजर मोदीराज में पर्यटन क्षेत्र की उपलब्धियों पर-

विश्व यात्रा पर्यटन प्रतिस्पर्धा सूचकांक में भारत ने लगाई छह पायदान की छलांग

वैश्विक यात्रा और पर्यटन प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत लगातार तरक्की कर रहा है और नए मुकाम हासिल कर रहा है। वैश्विक यात्रा और पर्यटन प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक में भारत 34 वें स्थान पर पहुंच गया है। बीते साल भारत इस सूचकांक में 40वें स्थान पर था। यानी कि इस बार 6 अंकों का सुधार हुआ है और भारत उछलकर 34वें नंबर पर आ पहुंचा है। जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक भारत की रैंकिंग में सुधार की वजह प्राकृतिक और सांस्कृतिक संसाधन है। जिसमें समृद्ध होने के चलते ही भारत की रैंकिंग में सुधार हुआ है। मोदी सरकार के दौरान वैश्विक यात्रा और पर्यटन प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक में भारत ने 31 पायदान की छलांग लगाई है।

पर्यटन के क्षेत्र में सर्वाधिक रोजगार देने वाला देश है भारत

पर्यटन को बढ़ावा देने से देश के युवाओं को रोजगार के भरपूर अवसर मिल रहे हैं। केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री अल्फोंस कन्नमथानम ने हाल ही में कहा कि भारत विश्व में पर्यटन के क्षेत्र में सबसे अधिक रोजगार देने वाला देश है। जिन लोगों को रोजगार मिला है, उनमें ज्यादातर गरीब हैं। अल्फोंस ने कहा कि भारत में करीब 8.21 करोड़ लोगों को पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार मिला हुआ है। विदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय ने अमेरीका, यूरोप, चीन सहित देशों में कई अभियान चलाए हैं, जिससे भारत विदेशी पर्यटकों के लिए पसंदीदा जगह बनता जा रहा है।

स्वदेश दर्शन के द्वारा प्रोत्साहन

मोदी सरकार द्वारा देशी पर्यटन को बढ़ावा देने और अपने देश के लोगों में अपनी विरासत के प्रति जागरुकता देने की दिशा में भी कई प्रयास किये गए हैं। इसके लिए सरकार ने ‘स्वेदेश दर्शन’ नाम की योजना शुरू की है। केंद्र सरकार स्वदेश दर्शन की थीम पर टूरिस्ट सर्किट का विकास कर रही है। इसके तहत 13 सर्किट की पहचान की गई है- पूर्वोत्तर भारत सर्किट, बौद्ध सर्किट, हिमालयन सर्किट, तटीय सर्किट, कृष्णा सर्किट, मरुस्थल सर्किट, जन-जातीय सर्किट, इको सर्किट, वन्यजीव सर्किट, ग्रामीण सर्किट, आध्यात्मिक सर्किट, रामायण सर्किट, और विरासत सर्किट।

 


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