कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को भारत द्वारा चौतरफा जवाब

All-round response by India

जम्मू और कश्मीर में आर्टिकल 370 ख़त्म होने के बाद पाकिस्तान को लगी मिर्ची की जलन कम होने का नाम नहीं ले रही है| इस मुद्दे पर भारत की राय तो स्पष्ट है कि ये भारत का अंदरूनी मसला है, लेकिन भारत द्वारा इस मुद्दे पर लगातार कड़े रुख से पाकिस्तान की तकलीफ अब बढ़ती ही जा रही है|

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की पाकिस्तान को दो टूक

विशाखापत्तनम में नौसेना विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है एवं भारत एक शांतिप्रिय राष्ट्र हैं जो हम युद्ध नहीं चाहता। हम किसी पर हमला नहीं करते लेकिन जो हम पर हमला करेगा, हम उसे मुहतोड़ जवाब देंगे| इसी क्रम में उपराष्ट्रपति नायडू ने कहा कि पाकिस्तान से बात अब सिर्फ पाक अधिकृत कश्मीर के मुद्दे पर होगी|

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को दिखाया आइना

जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने इसके दी अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेशों में पुनर्गठन के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहली बार गुरुवार को लद्दाख पहुंचे| यहाँ उन्होंने डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ हाई एल्टीट्यूड रिसर्च द्वारा आयोजित किसान-जवान विज्ञान मेले का उद्घाटन किया|

इसी समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “कश्मीर कब पाकिस्तान का था जो इस मुद्दे पर वो रो रहा है?” उन्होंने आगे कहा कि, सच्चाई तो यह है कि पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान पर पाकिस्तान का अवैध कब्जा है| उन्होंने पीओके में पाकिस्तान द्वारा हो रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन और अत्याचार के मुद्दे पर पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया|

उन्होंने POK पर अपनी पुरानी बात को फिर से स्पष्ट किया कि, “पाकिस्ताान से बातचीत केवल पीओके को लेकर ही होगी। कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है कश्मीर का ही हिस्सा होने के कारण पीओके भी भारत का अभिन्न हिस्सा। है।“

अमित शाह पहले ही कह चुके हैं की जान दे देंगे POK के लिए

आर्टिकल 370 के मुद्दे पर हुई बहस के दौरान लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने पहले ही POK पर मोदी सरकार का रुख साफ़ कर चुके हैं| सवाल जवाब के दौरान उन्होंने साफ़ कहा था की संसद में जब वो बात कर रहे हैं जम्मू और कश्मीर की तो उसमें POK और अक्साई चीन दोनों शामिल हैं| अपने बयान के दौरान उन्होंने कहा था की, “POK के लिए जान भी दे देंगे|”

पाकिस्तान की सब और किरकिरी

अपने देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी कश्मीर मसले पर मध्यस्थता की उम्मीद में भटक रहे पाकिस्तान का साथ किसी ने भी नहीं दिया| संयुक्त राष्ट्र में भी पाकिस्तान की किरकिरी हुई और उसके तथाकथित परम मित्र चीन ने भी इस मुद्दे पर सुनने से इनकार कर दिया और भारत को हर तरफ से इस मामले पर समर्थन मिला है|