एयर इंडिया के महाराजा की 68 साल बाद हुई घर वापसी

लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर सरकारी एयरलाइन एयर इंडिया की कमान टाटा समूह के हाथों में सौप दी गई है। एयर इंडिया के लिए टाटा समूह ने करीब 18 हजार करोड़ रुपए की बोली लगाई थी। जिसके बाद एयर इंडिया 68 साल बाद फिर से टाटा समूह का हो गया। सरकार की माने तो साल के अंत तक लेनदेन की पूरी प्रक्रिया होने की उम्मीद है।

टाटा को क्या-क्या मिलेगा ?

सरकार की शर्तों के मुताबिक सफल बोली लगाने वाली कंपनी यानी टाटा को एयर इंडिया के अलावा सब्सिडरी एयर इंडिया एक्सप्रेस का भी शत प्रतिशत नियंत्रण मिलेगा। वहीं, एआईएसएटीएस में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी पर कब्जा होगा। बता दें कि एआईएसएटीएस प्रमुख भारतीय हवाईअड्डों पर कार्गो और जमीनी स्तर की सेवाओं को उपलब्ध कराती है। विनिवेश नियमों के मुताबिक टाटा को एयर इंडिया के घरेलू हवाई अड्डों पर 4,400 घरेलू और 1,800 अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लैंडिंग की मंजूरी मिलेगी। वहीं, पार्किंग आवंटनों का नियंत्रण दिया जाएगा।

68 साल बाद फिर टाटा के पास एयर इंडिया

सरकारी विमान कंपनी एयर इंडिया करीब 70 साल बाद अपने पुराने मालिक यानी टाटा समूह के पास गई है। दरअसल, जहांगीर रतनजी दादाभाई ने 1932 में इस एयरलाइन की स्थापना की थी। तब इसे टाटा एयरलाइन कहा जाता था। हालांकि, एयर इंडिया का 1953 में राष्ट्रीयकरण किया गया था। इसके बाद कंपनी में सरकार का 100 प्रतिशत स्वामित्व था। हालांकि, कर्ज का बोझ बढ़ने की वजह से सरकार ने साल 2017 में पहली बार एयर इंडिया में हिस्सेदारी बेचने की कोशिश शुरू की। इस बार सरकार 75 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहती थी हालांकि, ये संभव नहीं हो सका। इसके बाद विनिवेश के नियमों में तमाम रियायतें दी गईं और सरकार अपना पूर्ण स्वामित्व बेचने को तैयार हो गई। एयर इंडिया की बोली लगाने में रुचि दिखाने वालों को आवेदन जमा करने लिए कई डेडलाइन दी गई। आखिरी डेडलाइन 15 सितंबर थी। इस दिन तक एयर इंडिया को खरीदने वालों में मुख्य तौर पर टाटा संस और स्पाइसजेट ने दिलचस्पी दिखाई। अब एयर इंडिया की कमान टाटा ग्रुप की टाटा संस के हाथों में चली गई है।

मौजूदा कर्मचारियों का क्या होगा ?

इस डील के बाद सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो रहा था कि एयर इंडिया में काम करने वाले हजारों करमचारियों का भविष्य क्या होगा। तो आपको बताते चले कि पहले साल किसी भी कर्मचारी को निकाला या छटनी नहीं की जायेगी। वही दूसरे साल से कर्मचारियों को वीआरएस लेने की छूट दी जा सकेगी। इसके साथ साथ ग्रेच्युटी, पेंशन फंड, चिकित्सा लाभ दिया जाएगा। सरकारी कर्मचारी द्वारा मुफ्त यात्रा को बंद किया जायेगा।

इस डील के बाद ही रतना टाटा ने भी एक ट्वीट करके खुशी जाहिर करी। उन्होंने लिखा वेलकम बैक, एयर इंडिया। इसके साथ ही रतन टाटा ने एक तस्वीर भी शेयर की है। जो ये बताने के लिये काफी है कि उनका एयर इंडिया के प्रति सम्मान कितना अधिक है। ऐसे में अब हम यही आशा कर सकते है कि आने वाले दिनो में फिर से एयर इंडिया घाटे से उबारकर फायदे की ओर उड़ान भरता हुए दिखे।