एयरफोर्स का नया शक्तिपथ जहां उतरे सुखोई और जगुआर जैसे लड़ाकू विमान

देश की बदली हुई तस्वीर का एक और उदाहरण सबके सामने देखने को मिला जब राजस्थान के रेतीले बाड़मेर में सड़क पर फाइटर प्लेन उतरते हुए सब ने देखा। जी हां उस रेगिस्तान में जहां पहले के जमाने में मोटर गाडी ले जाना मुश्किल से भरा काम होता था। वहां सरकार ने भारतमाला सड़क परियोजना के चलते ऐसी रोड़ तैयार की है कि वक्त पड़ने पर वहां वायुसेना के फाइटर प्लेन के साथ साथ वायुसेना के मालवाहक प्लेन भी उतारे जा सकते हैं। सबसे बड़ी बात ये है कि पाकिस्तान से महज 40 किलोमीटर दूर ही हुआ जिससे ये तो पक्का है कि पाक के पसीने जरूर छूटे होंगे।

 

19 महीने में हुआ 3 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी का निर्माण

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण  ने भारतीय वायु सेना के लिए आपातकालीन स्थिति में विमान उतारने के लिए एनएच-925ए के सट्टा-गंधव खंड के तीन किलोमीटर के हिस्से पर इस आपातकालीन पट्टी का निर्माण किया है। ईएलएफ  का निर्माण 19 महीने के अंदर पूरा किया गया है। इसका निर्माण कार्य जुलाई 2019 में शुरू किया गया था और जनवरी 2021 में यह तैयार हो गया था। आईएएफ और एनएचएआई की देखरेख में ‘जीएचवी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ ने इसका निर्माण किया है। सबसे बड़ी बात ये है कि कोरोना काल में भी इसके निर्माण की रफ्तार धीमी नही पड़ी और यहां तेजी के साथ काम किया गया। जिसका नतीजा है कि यहां निर्माण जल्द से जल्द हो सका है। इस पट्टी के बन जाने से एक तरफ भारत ने नई शुरूआत तो की ही है साथ ही सुरक्षा के लहजे से भी यह खास है।

तीन हेलीपैड का भी किया गया है निर्माण

इस परियोजना में आपातकालीन लैंडिंग पट्टी के अलावा कुंदनपुरा, सिंघानिया और बाखासर गांवों में वायु सेना/भारतीय सेना की आवश्यकताओं के अनुसार तीन हेलीपैड का निर्माण किया गया है, जो पश्चिमी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारतीय सेना और सुरक्षा नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण का आधार होगा। इस दौरान खुद केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारतीय वायुसेना के स्पेशल विमान से यहां पहुंचे थे, जिसकी लैंडिंग इसी एयर स्ट्रिप पर की गई थी। एनएच-925 भारत का पहला राष्ट्रीय राजमार्ग है, जिसका इस्तेमाल वायुसेना के विमानों को आपात  स्थिति में उतारने के लिए किया जाएगा। वैसे इसके पहले लखनऊ आगरा राजमार्ग पर भी ऐसी ही आपातकालीन मॉक लैंडिंग की थी। ऐसे में ये साफ होता है कि आने वाले कुछ दिनो में सरकार दूसरी जगह भी ऐसी सड़क का निर्माण कर सकती है। जिस पर जरूरत पड़ने पर फाइटर प्लेन को उड़ाया और उतारा जा सके।

पिछले 7 सालों में देखे तो भारत में कुछ ना कुछ नया जरूर हो रहा है जिससे देश में विकास तेजी के साथ दिख रहा है। फिर वो कोई भी सेक्टर क्यों ना हो, हर जगह भारत नये मुकाम को छू रहा है।