वायुसेना को फ्रांस में मिला पहला लड़ाकू विमान राफेल

Air Force gets Rafale first fighter aircraft

भारतीय वायुसेना को पहला राफेल लड़ाकू विमान राफेल फ्रांस ने सौंप दिया है। भारतीय वायु सेना के सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को दसॉल्ट एविएशन मैन्युफैक्चरिंग युनिट में एयर मार्शल वीआर चौधरी की अगुवाई में पहुचीं टीम को विमान सौंपा गया। अहम् बात यह है की पहले राफेल का नाम अगले एयर चीफ आरकेएस भदौरिया के नाम पर रखा गया है। बता दे की देश के अब तक के सबसे बड़े रक्षा सौदे को मुकाम तक पहुंचाने में एयर चीफ आरकेएस भदौरिया ने अहम भूमिका निभाई थी । भदौरिया राफेल फाइटर विमान को उड़ा चुके हैं। वो राफेल फाइटर जेट को उड़ाने वाले भारतीय वायुसेना के पहले पायलट हैं।

पहले राफेल विमान का टेल नंबर आरबी-01 है। गाड़ियों की नंबर प्लेट की तरह ही विमानों की पहचान टेल नंबर से होती है ।

वायुसेना से जुड़े सूत्रों ने बताया कि एयर मार्शल चौधरी ने राफेल को करीब एक घंटा उड़ाकर जांचा-परखा भी। भारत ने इस उन्नत किस्म के लड़ाकू विमान के लिए 2016 में फ्रांस के साथ 60,000 करोड़ रुपये में 36 राफेल खरीदने का एक करार किया था।

8 अक्टूबर को होगा वायुसेना में शामिल

आधिकारिक रूप से पहला राफेल 8 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना में शामिल किया जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहला भारतीय राफेल लड़ाकू विमान लेने के लिए 8 अक्टूबर को फ्रांस जाएंगे, लेकिन ये विमान मई, 2020 में ही भारत पहुंचना शुरू होंगे क्योंकि इनमें भारत की जरूरतों के मुताबिक हथियार प्रणालियां लगाई जानी हैं और पायलटों को ट्रेनिंग भी दी जानी है। भारतीय पायलट इन्हें फ्रांस में कम-से-कम 1,500 घंटे उड़ाएंगे। उड़ान के दौरान राफेल विमान SCALP मिसाइल से लैस होंगे, जो 300 किलोमीटर की रेंज में जमीन पर वार कर सकती है। ट्रेनिंग और परीक्षण पूरा होने के बाद राफेल लड़ाकू विमान के एक-एक दस्ते को हरियाणा के अंबाला और बंगाल के हाशिमारा में अपने एयरबेस पर तैनात करेगी।

राफेल को लेकर भारत में भी तैयारियां की जा रही हैं। भारतीय वायुसेना अपनी ‘गोल्डन ऐरोज’ 17 स्क्वाड्रन को फिर शुरू करने की तैयारी में है। यह राफेल लड़ाकू विमान उड़ाने वाली पहली इकाई होगी।