विश्व की फटकार के बाद, चीन पर हर्जाना देने की पड़ सकती है मार

वो कहते हैं न कि चालबाजी ज्यादा दिनों तक नही चल सकती है, और चालबाज की चोरी जरूर पकड़ी जाती है। कुछ यही हाल चीन का हो रहा है। आज चीन का नकाब दुनिया के सामने उठता जा रहा है। तभी एक- एक करके चीन से सभी देशों का मोह भंग हो रहा है। इसी क्रम में अब चीन पर फर्जी मास्क एन 95 और पीपीईकिट  देने को लेकर हर्जाने को लेकर मुकदमा किया गया है और ये मुकदमा अमेरिका ने चीन पर किया है।

नकली मास्क सप्लाई करने पर देना पड़ेगा चीन को हर्जाना !

कोरोना संकट के चलते विश्व में चीन की छवि एक फरेबी देश के तौर पर हो रही है। विश्व के ज्यादातर देश को इसके लिये चीन को जिम्मेदार मान रहे हैं। खासकर अमेरिका का तेवर चीन को लेकर काफी सख्त होता जा रहा है। जिसके चलते चीन के प्लेन का अमेरिका में आने पर पाबंदी लगा दी तो अब चीन पर नकली पीपीई किट और एन95 मास्क दिये जाने को लेकर मुकदमा किया है और हर्जाने की मांग रखी है। वैसे इस मामले में आरोप सिर्फ अमेरिका ने ही नही लगाया है बल्कि इटली-स्पेन से लेकर भारत और पाकिस्तान ने भी नकली पीपीई किट और फर्जी मास्क की शिकायत की है। अमेरिका ने यह भी कहा है कि कोरोना जैसे संकट काल में चीन की ओर से की जा रही लगातार लापरवाहियों से साबित होता है कि वो न केवल अमेरिकी बल्कि दुनिया के खिलाफ गंभीर साजिश कर रहा है। अदालत में चार ऐसे बिंदु उठाए हैं जिनका चीन के पास कोई जवाब नहीं है। ऐसे में माना जा रहा है कि चीन को कम से कम 20 लाख अमेरिकी डॉलर का हर्जाना देना पड़ सकता है।

ब्रिटेन ने भी चीन को आंख दिखाई

चीन की  विस्तारवादी सोच को विश्व ने अब ठुकराना शुरू कर दिया है। जिसके चलते समूची दुनिया में चीन अकेला पड़ता जा रहा है। अमेरिकी तानातनी के बाद रूस ने भी ताइवान मुद्दे पर चीन को खरीखरी सुनाई है तो अब हॉन्ग कॉन्ग में नये कानून लगाने के बाद ब्रिटेन ने भी चीन को फटकार लगाते हुए ऐलान किया है कि  हॉन्ग कॉन्ग के करीब 30 लाख लोगों को अपने देश आने की पेशकश करेगा. बता दें कि हॉन्ग कॉन्ग की आबादी करीब 74 लाख है. इससे पहले चीन ने हॉन्ग कॉन्ग पर पूरा नियंत्रण हासिल करने के लिए नेशनल सिक्योरिटी लॉ लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी।  भारत, अस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के रूख के बाद यूरोप के देशो की तरफ से चीन को ये फटकार काफी मंहगी पड़ सकती है अगर वो सीधी चाल पर चलना शुरू नही करता है।

विश्व में चीन अब चारो तरफ से घिर रहा है और उसका पाप का घड़ा भी अब फूटता हुआ दिखाई दे रहा है। ऐसे में अभी भी चीन के पास एक मौका है कि वो अपने गुनाहों को मान ले और बुरी नियत से किये गये काम को छोड़ कर पाक साफ तरीके से विश्व कल्याण में बाकी देशों का साथ दे तो शायद उसकी छवि फिर बदल सकती है। लेकिन इसके लिये चीन को अपनी फरेबी चाल चलने की आदत को बदलना होगा।