चीफ ऑफ डिफेंस के बयान के बाद चीन के छूटे पसीने

पिछले कई महीने से चीन और भारत के बीच लद्दाख में सीमा विवाद चरम पर है, दोनो सेनाओं के अफसरों के बीच समस्या का समाधान निकालने के लिए कई 9 राउन्ड बैठक भी हुई है। लेकिन जैसा सब जानते है, कि चीन मक्कार के साथ साथ धोखेबाज भी है। इसलिए वो बातचीत से मसला हल करने की बात तो कर रहा है, लेकिन सीमा पर अपनी मक्कारी से भरी चाल भी चल रहा है। हालाकि अब भारत ने दो टूक चीन को जवाब दिया है, कि अगर चीन पुराने नियम को नही मानता है, तो भारत सैन्य बल का भी इस्तेमाल कर सकता है।

चीन की चालबाजी पर भारत का करारा जवाब

LAC पर भारत-चीन के बीच जारी तनाव के बीच अब भारत ने अपने तेवर और कड़े कर दिए है। जिस तरह से चीन लगातार कोई न कोई चाल चलकर भारत को धोखा दे रहा है उसको देखते हुए खुद सेना के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ यानी CDS जनरल बिपिन रावत ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि लद्दाख में चीनी सेना की घुसपैठ बर्दाश्त नहीं की जाएगी, अगर बातचीत से हल नही निकलता है, तो भारत के पास सैन्य विकल्प मौजूद है। इस बयान का बहुत बड़ा मतलब निकल कर सामने आ रहा है। कयास लगाया जा रहा है, कि चीन को स्पष्ट कर दिया गया है, कि चीन को अपनी पुरानी स्थिति में जाना ही होगा और भारत उससे बिलकुल समझौता नही कर सकता है। हालाकि चीन इस बीच बातचीत का पासा फेक कर मामले को बढ़ाना चाहता है, लेकिन भारत ने अपना रूख साफ कर दिया है। दरअसल, लद्दाख में LAC पर चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। चीन अभी भी पैगोंग से पीछे नहीं हटा है, चीन की सेना फिंगर-5 से पीछे जाने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में सीडीएस बिपिन रावत का ये बयान चीन को साफ-साफ शब्दों में सख्त संदेश है कि अब भारत ज्यादा दिनो तक इंतजार नही कर सकता है। अगर वो खुद पीछे नही हटता तो भारत पीछे धकेलने के लिए तैयार होगा।

चीन की शर्त को भारत की ना

धूर्त चीन लगातार विश्व में ये दिखाने में लगा है, कि वो भारत के साथ बेहतर संबध बनाना चाहता है इसलिए वो बातचीत जारी रखने का ढ़ोग कर रहा है। हालाकि सीमा पर वो लगातार अपने बयानो से पीछे हट रहा है और सेना को पीछे नही हटा रहा है। ऐसे में चीन ने भारत के सामने एक शर्त रखा कि भारत भी अपनी सेना इस स्थान से पीछे हटा ले, जिसे भारत ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। भारत का मनना है, कि चीन लगातार वादाखिलाफी कर रहा है। ऐसे में उसपर विश्वास नही किया जा सकता है। इसके साथ साथ भारत ने ये भी साफ कर दिया है कि चीन को पुरानी स्थिति पर आना ही होगा। गौरतलब है कि भारत चीन से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। भारत ने चीन से सटी सीमा पर सेना का बड़ा जमावड़ा लगा दिया है, तो भारत के फाइटर बस इंतजार में रुके है।

भारत के संयम को अगर चीन भारत की कमजोरी समझ रहा है, तो वो उसकी बहुत बड़ी गलती होगी क्योकि अब भारत वो देश नही जो सिर्फ वार्ता पर विश्वास करता हो, भारत वार्ता से ज्यादा कार्यवाही पर विश्वास रखता है जिसका उदाहरण चीन को पाक पर हुई सर्जिकल स्ट्राइक से ध्यान रखना चाहिए।