धारा 370 हटने के बाद लद्दाख के साथ नहीं हो रहा सौतेला व्यवहार

धारा 370 हटने के 2 साल होने को है। इन दो साल में घाटी में आये बदलाव को लेकर तो आपने कई रिपोर्ट देखी होगी लेकिन लद्दाख में धारा 370 हटने के बाद क्या क्या बदला है ये आज हम आपको बताते हैं।  महज 2 साल के भीतर केंद्र का साथ मिला और 75 सालों से नजरअंदाज होती आई उम्मीदों को पूरा करने की झड़ी लग गई। 5 अगस्त 2019 से पहले लद्दाख के विकास की योजनाएं कश्मीर में कागजों तक ही सिमट जाती थी। अब केंद्र के हाथ लद्दाख की कमान आने के बाद परिदृश्य बदल रहा है। केंद्रीय मंत्री और संसदीय समितियां विकास योजनाओं पर न केवल सीधे नजर रखे हैं बल्कि जन आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए नई योजनाओं का खाका बुना जा रहा है।

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प्रदूषण मुक्त प्रदेश का सपन

नए लद्दाख में विकास की योजनाओं के साथ लोगों की सोच का दायरा भी बड़ा होता जा रहा है। लद्दाख के लोग अब देश के पहले कार्बन मुक्त प्रदेश के सपने के साकार करने की की मुहिम में जुटे हैं। विकास योजनाओं को इसी अनुसार गति दी जा रही है। ई बसों व ई रिक्शा के साथ-साथ हाइड्रोजन ईंधन आधारित वाहन चलेंगे। लेह में 1.25 मेगावाट का ग्रीन हाइड्रोजन जेनरेशन पायलट प्रोजेक्ट बनेगा। स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के लिए तीन समझौते हुए हैं। ग्रामीणों को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना से लोगों को मालिकाना अधिकार संबंधी संपत्ति कार्ड दिए जा रहे है।

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बेहतर सड़को का बिछ रहा जाल तो चार नए एयरपोर्ट,37 हेलीपैड बनेंगे

आधारभूत ढांचे को मजबूत बना पर्यटन को भी गति देने की तैयारी है। दूरदराज के लोग अब अपने इलाकों में उड़नखटोलों से पर्यटकों के आने का इंतजार कर रहे हैं। केंद्र द्वारा चार नए एयरपोर्ट व 37 हेलीपेड विकसित करने की योजना है। इस समय 100 के करीब छोटे बड़े पुलों के निर्माण के बाद 55 नए पुलों पर कार्य जोरशोर से जारी है। केंद्र सरकार ने लद्दाख के लोगों के विश्वास के स्तर को नई उंचाइयों तक पहुंचा दिया है। अब सड़कें, टनल बनाने, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। ऐसा मोदी सरकार की निष्ठा से संभव हुआ है। आने वाले कुछ सालों में लद्दाख की कायाकल्प हो जाएगी। लद्दाख उर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो जाएगा। लेह व कारगिल के लोग यही सपने देखते थे जो आज पूरा हो रहा है

शिक्षा का बनेगा हब

शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ापन दूर करने की कसरत शुरू हो चुकी है। केंद्र ने लद्दाख में सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने के लिए 750 करोड़ मंजूर कर ऐतिहासिक फैसला किया है। इसके साथ विकास को तेजी देने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर कारपोरेशन भी बनाया गया है। इसके अलावा मेडिकल कालेज और अन्य कई कालेजों को मंजूरी मिल चुकी है जो ये बताती है कि लद्दाख को लेकर मोदी सरकार बिना भेदभाव के काम कर रही है।

वैसे भी मोदी सरकार का प्रण है कि विकास की गंगा वहां बहायेगे जहां कभी विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ है। लेकिन तेज विकास लद्दाख में अगर हो पाया है तो वो धारा 370 हटने के चलते है वरना पहले कश्मीर की सरकार लद्दाख की तरफ कुछ सोचती ही नही थी और अगर सोच भी लेती थी तो करती नही थी लेकिन आज हालात बदल गये है और विकास पिछले 2 साल में तेजी के साथ हुआ है।