कश्मीर दौरे के बाद EU सांसदों ने दुनिया को बताया घाटी का सच

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EU MPs told the world the truth of the valley

यूरोपियन संघ के 23 सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल घाटी के जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए श्रीनगर पहुंचा। यूरोप प्रतिनिधिमंडल में इटली, जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस और पोलैंड के एमपी शामिल हैं।

जम्मू-कश्मीर के दौरे पर आए यूरोपीय संघ के सांसदों ने बुधवार को कहा कि अनुच्छेद 370 भारत का आंतरिक मामला है और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वह भारत के साथ खड़े हैं। घाटी के दो दिवसीय दौरे के अंतिम दिन यूरोपीय संघ के 23 सांसदों के शिष्टमंडल ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। यूरोपीय सांसदों के दल ने पाकिस्तान द्वारा फैलाए गए झूठ को नकारते हुए यहां की सच्चाई दुनिया को बताया। यहां का हाल देख और स्थानीय लोगों से मुलाकात करने के बाद विदेशी सांसदों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंखों देखा हाल बयां किया। उन्होंने आतंकवादियों द्वारा पश्चिम बंगाल के पांच मजदूरों की हत्या किए जाने की घटना की निंदा भी की।

यूरोपीय सांसदों के दल में शामिल फ्रांस के सांसद हेनरी मेलोसे ने कश्मीर दौरे के अनुभव साझा किए और कहा कि कश्मीर का युवा शांति और विकास चाहता है। हेनरी मेलोसे ने कहा, ‘अनुच्छेद 370 की बात करें, तो यह भारत का आंतरिक मामला है। हमारी चिंता का विषय आतंकवाद है जो दुनियाभर में परेशानी का सबब है और इससे लड़ाई में हमें भारत के साथ खड़ा होना चाहिए। आतंकवादियों ने पांच निर्दोष मजदूरों की हत्या की, यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।’ 

ब्रिटेन के न्यूटन डन ने इस दौरे को आंखे खोलने वाला दौरा बताया। डन ने कहा कि हम यूरोप से आते हैं, जो वर्षों के संघर्ष के बाद अब शांतिपूर्ण स्थान है। हम भारत को दुनिया का सबसे शांतिपूर्ण देश बनता देखना चाहते हैं। इसके लिए जरूरत है कि वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हम भारत के साथ खड़े रहें। यह दौरा आंखें खोलने वाला रहा है और जो कुछ हमने ग्राउंड जीरो पर देखा है हम उस पर अपनी बात रखेंगे।

पोलैंड के सांसद रेजार्ड जारनेकी ने कहा कि ऐसा लगता है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने जो दिखाया वह पक्षपातपूर्ण था। हमने जो देखा है, अपने देश लौटकर हम उसकी जानकारी देंगे। फ्रांस के ही एक अन्य सांसद थियेरी मारियानी ने मीडिया को बताया कि वह पहले भी कई बार भारत आ चुके हैं और यह दौरा भारत के आंतरिक मामले में दखल देने के लिए नहीं है बल्कि कश्मीर में जमीनी हालात के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी लेने के लिए किया गया है।

उन्होंने कहा कि आतंकवादी एक देश को बरबाद कर सकते हैं। मैं अफगानिस्तान और सीरिया जा चुका हूं और आतंकवाद ने वहां जो किया है वह देख चुका हूं। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हम भारत के साथ खड़े हैं। ओवैसी ने यूरोपीय सांसदों को फासिस्ट और इस्लामोफोबिया से भी पीड़ित बताया था जिसपर मारियानी ने कहा कि हमें फासीवादी कह कर हमारी छवि को खराब किया जा रहा है। बेहतर होता कि हमारी छवि खराब करने से पहले हमारे बारे में अच्छे से जान लिया गया होता। मेरी सलाह है कि आरोप लगाने से पहले मेरी बायोग्राफी देख लें।

यूरोपीय संसद के इन सदस्यों ने अपनी दो दिवसीय कश्मीर यात्रा के पहले सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने इनका स्वागत करने के साथ उम्मीद जताई थी कि जम्मू कश्मीर सहित देश के अन्य हिस्सों में उनकी यात्रा सार्थक रहेगी।

जब यूरोपीय सांसदों के दल से सवाल पूछा गया कि क्या वह इस दौरे की रिपोर्ट यूरोपीय संसद में जमा करेंगे, तो उन्होंने कहा कि वह ऐसा नहीं करेंगे।

 


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