शाहीनबाग – चुनाव के बाद धरनास्थल पर कम होने लगी लोगों की भीड़

शाहीनबाग प्रदर्शन को 63 दिन हो चुके हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ शाहीन बाग में हो रहे प्रदर्शन में अब लोग कम आ रहे हैं। चुनाव के बाद शाहीनबाग प्रदर्शनस्थल पर पहले के मुकाबले भीड़ कम हुई है।

शाहीन बाग में चुनाव के बाद से ही एक तरह से दिन के वक्त सन्नाटा पसरने लगा है। हालांकि, रात में लोगों की संख्या कमोबेश पहले की तरह बनी हुई है। यही वजह है कि गुरुवार को पूरे इलाके में लाउडस्पीकर से लोगों को अधिक संख्या में धरनास्थल पर पहुंचने का ऐलान करवाया गया। बीते कुछ दिनों से लगातार लाउडस्पीकर से धरनास्थल पर लोगों के आने की अपील की जा रही है।

भीड़ कम होने पर प्रदर्शनकारियों का जवाब था कि यह सब केवल अफवाह है। बीते दिनों चुनाव थे और चुनाव के समय से अब अधिकांश लोग रात के वक्त आ रहे हैं। रात में कई कार्यक्रम भी होते हैं।

अमित शाह से मिलने जाएंगी शाहीन बाग की प्रदर्शनकारी महिलाएं

अब दिल्ली चुनाव के बाद प्रदर्शनकारी महिलाओं को गृह मंत्री से मिलने की याद आयी है, अभी तक तो ये सरकार को ही अपने पास बात करने के लिए बुला रही थी। दरअसल ऐसी खबर आ रही है की शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने फैसला किया है कि वे गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर अपनी बात उनके सामने रखेंगे। बताया जा रहा है कि शाहीन बाग की सभी महिला प्रदर्शनकारी दोपहर 2 बजे अपनी मांगों के साथ गृह मंत्री के आधिकारिक आवास पर मुलाकात करने के लिए जाने वाले हैं।

हालांकि इस मुलाकात को लेकर गृह मंत्री कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि उन्हें ऐसी किसी मुलाकात के लिए प्रदर्शनकारियों की तरफ से अब तक कोई अर्जी नहीं मिली है। आपको बता दें कि शाहीन बाग में दिसंबर से ही धरने पर बैठी महिलाएं सीएए के साथ ही एनआरसी और एनपीआर का भी विरोध कर रही हैं।

गौरतलब है कि गृहमंत्री अमित शाह ने टाइम्स नाउ समिट में कहा था कि अगले तीन दिन में सीएए को लेकर कोई भी उनसे आकर मुलाकात कर सकता है। शाह ने कहा कि जिस किसी को भी सीएए को लेकर आपत्ति है, वह उनसे बात करने के लिए तैयार हैं।

सोमवार को होगी SC में प्रदर्शनकारियों को हटाने वाली याचिकाओं पर सुनवाई

नागरिकता संसोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के विरोध में शाहीन बाग में जारी प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई होगी। यह प्रदर्शन 63 दिनों से यह प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारियों को हटाने की मांग को लेकर एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई थी। याचिका में शाहीन बाग के बंद पड़े रास्तेए को खुलवाने की मांग की गई है।