लोकसभा के बाद अब PoK जीतने की तैयारी में बीजेपी, बनाया चुनाव के लिए मास्टरप्लान

लोकसभा चुनाव के नतीजें 23 मई 2019 को आते ही देश की जनता पर मोदी और बीजेपी का जो प्रभाव है वो देखने को मिल गया| जहाँ लोकसभा के चुनाव में बीजेपी को बहुमत मिली वहीँ दूसरी तरफ जनता ने किसी भी विपक्षी पार्टी को इतने भी वोट नहीं दिए ताकि वो लोक सभा में सशक्त विपक्ष के तौर पर बैठ सके| मोदी और बीजेपी के प्रति जनता का ये अटूट विश्वास, बीजेपी को और भी मजबूत और आत्मविश्वास का बल देता है | तभी तो अब बीजेपी POK यानि पाक अधिकृत कश्मीर में भी अपना परचम लहराने की तैयारी में लग गयी है|

लोकसभा में मिली प्रचंड जीत के बाद बीजेपी अब POK में भी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाकर एक और इतिहास रचने की तैयारी में जुटी है| इसके लिए बीजेपी एक खास किस्म का चुनाव अभियान लॉन्‍च करने वाली है| बीजेपी ने पूरा मन बना लिया है की वो भारतीय चुनाव आयोग (ECI) से आग्रह करेगी कि पीओके की 24 रिजर्व सीटों में कम से कम आठ पर चुनाव कराएं|

साल 2014 में हुए जम्मू-कश्मीर में विधान सभा चुनाव में कुल 87 सीट पर वोट डाले गए, जिसमे पीपुल्स डेमोक्रे‌टिक पार्टी (PDP) ने 28, बीजेपी ने 25, नेशनल कांफ्रेंस (NC) ने 15, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने 12 व दूसरी अन्य निर्दलीय पार्टियों ने सात सीटें जीती थीं| इसके बाद बीजेपी और पीडीपी ने गठबंधन कर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व में सरकार बनाई थी| पर आपको याद होगा कि ये गठबंधन साल 2018 में टूट गया जब बीजेपी ने पीडीपी से अपना समर्थन वापस ले लिया| पर अब दिसम्बर तक जम्मू-कश्मीर में फिर से विधानसभा चुनाव होने के आसार नज़र आ रहे है|

जम्मू-कश्मीर की विधानसभा सीटों का ब्यौरा

जम्मू-कश्मीर में 87 सीटों पर चुनाव होते हैं| इनमें 46 कश्मीर डिवीजन में आता हैं, 37 सीटें जम्मू और चार सीटें लद्दाख डिवीजन में हैं| इसके अलावा दो अन्य सीटों पर प्रतिनिधि नामांकित किए जाते हैं |

पीओके में चुनाव की स्थिति

आपको बता दें की जम्मू-कश्मीर में कुल 111 विधानसभा छेत्र है, जिसमे चुनाव आयोग सिर्फ 87 सीटों पर ही चुनाव करवाती है, जबकि पाक व चीन अधिकृत कश्मीर की 24 विधानसभा सीटें रिजर्व रखी गई हैं| चुनाव आयोग के अनुसार जब यह क्षेत्र भारत को वापस मिलेगा तो इन 24 सीटों पर चुनाव कराए जाएंगे|

क्या है बीजेपी का आग्रह

बीजेपी चाहती है की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के अलावा चीन अधिकृत हिस्से के 24 विधानसभा क्षेत्रों में 8 सीटों पर चुनाव हो| इसके लिए वो चुनाव आयोग से आग्रह भी करेगी |

हाल ही में लोकसभा चुनाव में जम्मू-कश्मीर की कुल 6 सीटों में से 3 सीटों पर बीजेपी ने जीत हांसिल की थी| अहम बात ये रही की बीजेपी को घाटी में ज्यादा वोट मिले हैं| बीजेपी को सबसे ज्यादा वोट ट्राल विधानसभा क्षेत्र में मिला है, जो दक्षिणी अनंतनाग लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है|

पाकिस्तान से सटे कई इलाकों में चुनाव का बहिष्कार होने के कारण इस क्षेत्र में केवल 1.14 फीसदी वोट ही पड़े थे| इनमें कुल 1019 लोगों ने वोट डाला | पर मज़ेदार बात ये थी कि इतनी कम वोटिंग में भी बीजेपी को सबसे ज्यादा 323 व एनसी को 234 वोट मिले थे|

जनता का बीजेपी के प्रति यही प्यार और विश्वास उनके हौसले को बुलंद बनाता है| द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “ये परिणाम प्रोत्साहित करने वाला रहा| निकाय और पंचायत चुनाव भी हमारे पक्ष में रहे हैं| अब लोकसभा चुनाव में भी शानदार प्रदर्शन रहा| हम उम्मीद करते हैं कि आगामी चुनाव में बीजेपी बहुमत की सरकार बनाए| सब ठीक रहा तो पाक अधिकृत में कुछ सीटों पर चुनाव होंगे|”

क्या है बीजेपी का मास्टरप्लान

बीजेपी के अनुसार पाक अधिकृत कश्मीर के निवासी एक तिहाई से ज्यादा लोग एलओसी के इस पार प्रवास कर चुके हैं| ऐसे में अगर वहां के मतदाता इस पार आ रहे हैं तो क्यों नहीं उन्हें मतदान का मौका दिया जाए| इसके लिए बीजेपी ने जिस तरह से कश्मीरी पंडितों के लिए ‘एम फॉर्म’ की व्यवस्‍था की है, उसी तरह से पीओके के प्रवासी भारतीयों के लिए यह व्यवस्‍था सुझाई है|

एम फॉर्म के अनुसार कश्मीरी पंडित भारत के किसी क्षेत्र में रहते हुए भी अपना वोट दे सकते है| कुछ इसी तरह, भारत में रह रहे पीओके से आये लोगों को अपने विधानसभा क्षेत्रों के नाम लिखते हुए चुनाव में शामिल होने की छूट मिले, ये बीजेपी का सुझाव है|

पीओके में चुनाव का इतिहास

भारत की आज़ादी से पहले और आज़ादी तक कश्मीर, राजा हरी सिंह की रियासत हुआ करती थी| लेकिन बंटवारे के के समय भूभाग को लेकर विवाद हो गया| बाद में जब जम्मू-कश्मीर में विधानसभा के परिसीमन के समय पाकिस्तान और चीन ने भारत के 24 विधानसभा क्षेत्रों पर कब्ज़ा कर लिया| तब से इन 24 विधान सभा क्षेत्रों को चुनाव आयोग ने रिज़र्व करके रखा है|

क्या है पीओके के नागरिक की मांग  

जब जम्मू-कश्मीर में धारा 370 और 35A  हटने के बाद चुनाव की शुरुआत हुई, तब पीओके में रहने वाले कई प्रतिनिधि इसमें शामिल नहीं हो पाए | इसके बाद पीओके के इलाके में रहने वाले लोग पाकिस्तानी आर्मी के हिंसा से बचने के लिए घाटी में आकर रहने लगे| अब वे लोग अपने अधिकारों के लिए अपने बीच के लोगों में से कुछ लोगों का प्रतिनिधित्व मांगते हैं| बीजेपी अपने जनता की इस इच्छा को पूरा करने के लिए एक प्लान लेकर आ रही है|

गौरतलब बात ये है की पाकिस्तान को पूरी तरह से कश्मीर से बेदखल करने के लिए मोदी ने अपनी प्लानिंग शुरू कर दी है और पीओके में रह रहे भारतियों को उनका कश्मीर उन्हें लौटाने की कवायद में जुट गए है| अब मोदी के इस कदम में चुनाव आयोग और पीओके के नागरिक उनका कितना साथ देते है ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा|