दशकों बाद गांधी के सपने को मिला सकार रूप, तंग गलियों से आजाद हुए काशी विश्वनाथ

वैसे भारतीय राजनीति में हर दल महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलने का दावा करती आई है और ये दावा भी करती है कि गांधी के सपनों का भारत वो ही बना सकती है। लेकिन ये कोरा वादा ही लगता था जबतक मोदी जी की सरकार नहीं आई थी क्योंकि उससे पहले सिर्फ गांधी की तस्वीरे सजाई गई पर उनके मन के मुताबिक काम नही हुआ। जबकि मोदी जी के सत्ता में आते ही सबसे पहले उन्होने साफ सफाई को लेकर स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत की तो अब काशी विश्वनाथ मंदिर का निर्माण करके कही ना कही गांधी जी के दूसरे सपने को सकार कर रहे है।

काशी विश्वनाथ मंदिर जाकर जब नाराज हुए गांधी जी

देश के कोने कोने में यूं तो महात्मा गांधी का दौरा चलता ही रहता था लेकिन वो काशी 11 बार आये । 1903 में पहली बार जब महात्मा गांधी काशी आए तो सबसे पहले उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा करने की इच्छा जाहिर की थी। इस दौरान जब वो दर्शन के लिए गए तो गलियों में तीर्थयात्रियों का शोर और गंदगी देख नाराज हो गए थे। इसी तरह 1916 में दूसरी यात्रा के दौरान उन्होने काशी विश्वनाथ मंदिर की दशा की दिलचस्प तुलना भारतीय समाज से कर के तंज किया था। महात्मा गांधी ने कहा कि इस महान मंदिर में जब कोई अजनबी आए, मंदिर की स्थिति देख उनकी हिंदुओं के बारे में क्या सोच होगी, फिर वो हमारी निंदा करेगा, इसलिए स्वच्छता को हमे अपने आदत में लाना होगा। गांधी जी के इस तंज के बाद भी कई सरकारे आई लेकिन मंदिर की हालत वही की वही बनी रही और ये हालत तब बदली जब मोदी जी ने सत्ता में आये। उसके बाद उन्होने मंदिर की तंग गलियों को चौड़ा करने का काम शुरू करवाया जो आज पूरा हो चुका है जिससे लगता यही है आज गांधी जी जहां पर भी होंगे उनकी आत्मा को शांति मिल रही होगी क्योंकि उनका सपना जो आज पूरा हो रहा है। यहां ये भी आपको बता दें कि करीब 200 साल पहले इस मंदिर का जीर्णोद्धार अहिल्याबाई होलकर ने करवाया था।

स्वच्छ भारत अभियान से गांधी के सपने को किया सच

इसी तरह सत्ता में आते ही सबसे पहले पीएम मोदी ने देश में एक अलख जगाई और वो थी स्वच्छ भारत की जिसके तहत गांव हो या फिर शहर, हर जगह साफ सफाई का विशेष अभियान चलाया गया जिसका असर ये हुआ कि आज देश के सभी जिले खुले में शौच से मुक्त हो चुके है। गांव गांव शौचालय तैयार होने से सफाई की एक अलग अलख जगी हुई दिखाई देती है।  महात्मा गांधी के इस सपने को सच करने में मोदी सरकार के साथ साथ आम लोगों ने भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया जिसका नतीजा आज देखने को मिल रहा है। आज देश के अस्पताल हो या रेलवे स्टेशन हर जगह साफ सफाई का एक अलग सा माहौल देखने को मिलता है।

7 सालों से सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के साथ पीएम मोदी लगातार गांधी के भारत के सपने को साकार करने में लगे हुए है और अब इसका असर भी सामने दिखने लगा है।