आखिर कौन हैं 103 साल के ये बुजुर्ग जो बोलते रहे और हाथ बांधे सुनते रहे पीएम मोदी!

यूं तो पीएम मोदी भोपाल में जनजातीय वर्ग के भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आयोजित होने वाले जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लेने गये थे लेकिन जैसे ही वो जंबूरी मैदान पहुंचे तो उन्होने सबसे पहले 103 साल के एक बुजुर्ग व्यक्ति से मुलाकात की। आखिर ये व्यक्ति कौन थे जिनसे पीएम ऐसे मिल रहे थे जैसे वो उनसे ही मिलने के लिए भोपाल आये हुए थे

स्वतंत्रता सेनानी से की खास मुलाकात

वो व्यक्ति थे 103 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी लक्ष्मी नारायण गुप्ता जी। इस मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने लक्ष्मी नारायण गुप्ता का हाल चाल जाना। इतने अनुभवी नेता से पीएम मोदी ने जिस आत्मीयता के साथ बातचीत की उसकी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। बातचीत के दौरान पीएम ने स्वतंत्रता सेनानी लक्ष्मी नारायण गुप्ता से उनकी सेहत के बारे में पूछा। साथ ही किसी भी किस्म की मदद की दरकार होने पर बेहिचक बताने को कहा। पीएम मोदी और लक्ष्मी नारायण जी की मुलाकात देख कर ये साफ लगा कि पीएम मोदी देश की आजादी में अग्रेजो से लोहा लेने वालो को कितना सम्मान देते है। देश में बचे इक्के-दुक्के स्वतंत्रता सेनानियों में से एक लक्ष्मी नारायण गुप्ता हैं जो अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं। मध्य प्रदेश सरकार में पूर्व राजस्व मंत्री रह चुके हैं। आज भी वह मोबाइल फोन तक यूज नहीं करते हैं। आज के दौर की राजनीति में लक्ष्मी नारायण गुप्ता किसी मिसाल से कम नहीं हैं। खुद पीएम मोदी का कहना है कि ऐसे ही नेताओं के चलते आज हम विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बन सके है।

 

पहले भी कर चुके है ऐसी मुलाकात

पीएम मोदी अगर किसी दूसरे शहर जाते है तो हमेशा वहां कई काम एक साथ करते है और वहां के अपने पुराने जानने वालो से मुलाकात जरूर करते है। हां, ये जरूर है कि समय के अभाव में वो वक्त कम दे पाते है लेकिन मुलाकात जरूर करते है। ऐसा ही एक किस्सा हरियाणा का भी है जब वो हिसार जाने पर अपने पुराने भोजन पकाने वाले को पूछ बैठे थे कि वो कहां है और जब उससे मुलाकात हो जाती है तब वो दिल्ली के लिए निकलते है। ऐसे तमाम किस्से है जो आपको बताया जा सकता है। इसी तरह कोरोना काल के वक्त भी पीएम मोदी ने फोन के जरिये अपनी पार्टी के साथ साथ दूसरे बुजुर्ग नेताओं से बात करके हालचाल जाना था और उन्हे मनोबल दिया था कि आगे सब ठीक हो जायेगा।

ये पीएम मोदी की सादगी है कि वो सबको सम्मान एक समान देते है फिर वो विदेश का कोई नेता हो या फिर देश का। इसी लिये तो वो सबके दिल में बसते हैं।