मोदी सरकार पर लगाओ मेडिकल सामान ना देने का आरोप और मिले सामान को खुद करो खराब

देश में कुछ लोगों का काम बन गया है कि आपदा के वक्त सिर्फ हल्ला मचाओ कि मोदी सरकार वेंटिलेटर नही दे रही है। मोदी सरकार दवाई वैक्सीन नहीं दे रही है। लेकिन यहां ये भी एक बड़ी बात सामने निकल कर आ रही है। जो लोग इस तरह का हल्ला मचा रहे है उनके राज्य में ही वेंटिलेटर खराब निकल रहे है और वैक्सीन की खूब बर्बादी भी हो रही है जिसमें कही न कही कोई साजिश की बू आ रही है।

राजस्थान के चुरू में सबसे ज्यादा हुई वैक्सीन की बर्बादी

एक तरफ मोदी सरकार पर राजस्थान सरकार सामान कम देने का आरोप लगा रही है दूसरी तरफ जो सामान उसे दिये गये है उसे बर्बाद करने में लगी हुई है। पीएम केयर्स फंड से मिले वेंटिलेटर को धूल फांकते राजस्थान के कई शहरो की खबर को तो आपने देखा ही है लेकिन अब राजस्थान के चुरू से ही वैक्सीन की डोज की बर्बादी का मामला सामने आया है वो भी थोड़ा बहुत नहीं बल्कि11 लाख से अधिक डोज का मामला सामने आया है। अब आप खुद समझ सकते है कि राजस्थान की सरकार इस आपदा के वक्त कितनी संजीदा है। क्योंकि पीएम मोदी ये कहते हुए नहीं थकते है कि राज्यो को वैक्सीन की बर्बादी पर लगाम लगाना चाहिये क्योकि एक वैक्सीन खराब होने का मतलब है एक जिंदगी के साथ खेलना लेकिन इसके बाद भी राजस्थान की सरकार सोई हुई है। तभी तो इतनी बड़ी संख्या में वैक्सीन के खराब होने का मामला सामने आया है।

इसके पीछे कोई साजिश तो नहीं

जिस तरह से राज्यो से वेंटिलेटर खराब की खबर आ रही है, वैक्सीन की बर्बादी हो रही है साथ ही कोरोना टेस्टिंग की रफ्तार धीरी हो रही है, वही वैक्सीनेशन पर भी झूठ बोलकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है उसे देखकर तो ये सब समान्य नहीं लग रहा है, इसके पीछे साजिश की बू तो आ रही है। खासकर तब जब देश में इन लोगो की टूलकिट का खुलासा हो चुका है। इसके बाद तो यही लगता है कि मोदी सरकार को विश्व में बदनाम करने के लिये और उनकी छवि को खराब करने के लिये इस तरह की घटना हो रही है तभी तो दूसरे राज्य जहां इनकी सरकार नहीं है इन राज्यो से ज्यादा बेहतर पर है लेकिन ये राज्य अभी भी भ्रम और अफवाह में जी रहे है और लोगो को गुमराह करके सिर्फ झूठ परोस रहे है। जबकि खुद की तैयारी इन राज्यो की बिलकुल भी नहीं है जिस कारण राज्यों की हालात अभी सुधर नही रही है।

ऐसे में अगर ये साजिश है तो देश इनको कभी माफ नही करेंगा क्योकि ये देशवासियों की जिंदगी का सौदा करके सियासत कर रहे है। अगर ये साजिश नहीं है तो भी ये साफ हो गया है कि सरकार कही न कही आपदा के इस दौर में भी लोगों के प्रति उदासीन है तभी इस तरह के मामले सामने आ रहे है।